रात के समय क्यों नहीं होता अंतिम संस्कार?
रात में अंतिम संस्कार
रात में अंतिम संस्कार न करने की परंपरा भारतीय संस्कृति, हिंदू धर्म से जुड़ी है और गरुड़ पुराण में इसका उल्लेख है।
धार्मिक मान्यता
हिंदू धर्म में माना जाता है कि सूर्य देव की रोशनी में किया गया काम शुभ और पवित्र होता है, अंतिम संस्कार एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है, जिसे दिन में करना शुभ माना जाता है।
सामाजिक कारण
अंतिम संस्कार में परिवार और समुदाय के लोगों की मौजूदगी जरूरी है, दिन में सभी लोग आसानी से शामिल हो सकते हैं, जबकि रात में नहीं।
सूर्य का प्रकाश
सूर्य देव की ऊर्जा को पवित्र माना जाता है, इसलिए सूर्योदय के समय अंतिम संस्कार करने से आत्मा को मोक्ष मिलता है।
शांति विचार
रात आमतौर पर ध्यान, साधना और आराम का समय होता है, मानसिक और आध्यात्मिक दृष्टि से दिन में अंतिम संस्कार करना सही होता है।
रात में क्यों नहीं
हिंदू धर्म में रात के समय को तामसिक माना जाता है, जो अंतिम संस्कार जैसे पवित्र कार्यों के लिए सही नहीं है।
आत्मा को शांति
गरुड़ पुराण के अनुसार सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार करने से मृत व्यक्ति की आत्मा को शांति नहीं मिलती, ऐसे में आत्मा को नर्क जाना पड़ सकता है।

