देवी भागवत पुराण
शिव जी से क्या है रुद्राक्ष का रिश्ता, कहां से हुआ प्रज्वलित?, इस कथा के माध्यम से आपको पता चलेगा की रुद्राक्ष कहां से जन्में।
पवित्र रुद्राक्ष
शिव की भक्ति करने वालों के लिए रुद्राक्ष पूजनीय होता जिसको गले में धारण करते हैं।
शिव का तीसरा नेत्र
रुद्राक्ष का अर्थ है रुद्र की आखें भी है। जो शिव जी का तीसरा नेत्र है।
त्रिपुरासुर वध
मानवा जाता है कि भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का वध किया तो उनकी आंखों से आंसू टपक जिससे रुद्राक्ष के वृक्ष बने।
कथा में उल्लंख
शिवपुराण में सती के भस्म होने के दुख में शिव के आंसू छलके और रुद्राक्ष बन ऐसा लिखा है।
पूरी सृष्टि में गिरे आंसू
सती के शरीर को लेकर पूरी सृष्टि में शिव घूम थे। जिससे उनके आंसू गिरे और रुद्राक्ष के वृक्ष उग गए।
पूजा में अहम
भगवान शिव की पूजा में रुद्राक्ष अहम होता है। इससे अकाल मौत और ग्रह शांति से सुरक्षा होती है।

