सात अजूबे
क्या है ताज महल का दूसरा नाम?
प्यार की निशानी
मुहब्बत की इस निशानी को मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी प्रेमिका बेगम मुमताज की याद में बनवाया था।
मुमताज का मकबरा
बेगम मुमताज का मकबरा भी इसी में दफन है, जब बेगम मुमताज को यहां दफनाया गया था, तब इसका नाम कुछ और था।
पुराना नाम
जब बेगम मुमताज को इसमें दफनाया गया था, तब मुगल बादशाह शाहजहां ने इस इमारत का नाम 'रौजा-ए-मुनव्वरा' रखा था।
चर्चा
बाद में इसका नाम बदलकर ताजमहल रख दिया गया, जिसकी चर्चा पूरी दुनिया में होती है।
डिजाइन
ताजमहल का निर्माण 1632 में शुरू हुआ था और यह 1648 में बनकर तैयार हुआ था

