USB पोर्ट का रंग बता देता है उसकी ताकत
USB पोर्ट्स में अलग-अलग रंग क्यों होते हैं?
पहले सभी USB पोर्ट लगभग एक जैसे दिखते थे। यूजर्स को यह समझना मुश्किल होता था कि कौन-सा पोर्ट तेज है और कौन-सा धीमा। इसी वजह से कंपनियों ने अलग-अलग रंगों का इस्तेमाल शुरू किया।
सफेद USB पोर्ट
यह सबसे पुराना USB 1.x पोर्ट होता है। जिसमें स्पीड: 1.5 Mbps से 12 Mbps पुराने कंप्यूटरों में मिलता था जो आज लगभग इस्तेमाल नहीं होता।
काला USB पोर्ट
काला रंग USB 2.0 को दर्शाता है। जिसकी स्पीड: 480 Mbps है जो माउस, कीबोर्ड और प्रिंटर के लिए उपयुक्त होता है। वहीं टीवी और बजट लैपटॉप में आज भी मौजूद है।
नीला USB पोर्ट
USB 3.0 का सबसे पहचानने योग्य रंग। जिसकी स्पीड: 5 Gbps तक और USB 2.0 से लगभग 10 गुना तेज हाई-स्पीड डेटा ट्रांसफर के लिए लोकप्रिय है।
टील USB पोर्ट
कम दिखाई देने वाला लेकिन तेज पोर्ट। जो USB 3.1 Gen 2 या USB 3.2 Gen 2 में है और स्पीड: 10 Gbps तक है जो हर कंपनी में इसका मतलब अलग हो सकता है
लाल USB पोर्ट
पावरफुल और हाई-परफॉर्मेंस पोर्ट। जिसकी स्पीड: 10 Gbps से 20 Gbps तक है और यह Always-On Charging सपोर्ट के साथ लैपटॉप बंद होने पर भी चार्जिंग देता है
पीला और नारंगी USB पोर्ट
चार्जिंग के लिए खास डिजाइन। जिसको Sleep Mode में भी चार्जिंग के लिए बनाया गया है जो Power Sharing फीचर में लैपटॉप यूजर्स के लिए बेहद उपयोगी है।
क्या रंग हमेशा सही जानकारी देते हैं?
USB-IF ने रंगों को आधिकारिक नियम नहीं बनाया है। इसलिए कुछ कंपनियां अपने हिसाब से रंगों का उपयोग कर सकती हैं।
USB पोर्ट पहचानने
सफेद = USB 1.x
काला = USB 2.0
नीला = USB 3.0
टील = USB 3.1/3.2
लाल = हाई-स्पीड + चार्जिंग
पीला/नारंगी = Always Charging

