12 ज्योतिर्लिंगों में सबसे खास है 'सोमनाथ', जानिए क्यों?
सबसे पहले बात करते हैं सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की, जो 12 ज्योतिर्लिंगों में सबसे खास है।
सोमनाथ ज्योतिर्लिंग गुजरात के सौराष्ट्र नगर में अरब सागर के तट पर स्थित है। इस ज्योतिर्लिंग के बारे में कहा जाता है कि यह हर सृष्टि में यहां स्थित रहा है।
इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि इस शिवलिंग की स्थापना स्वयं चंद्रदेव ने की थी।
सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के संबंध में मान्यता है कि प्रजापति दक्ष ने चंद्रमा यानी सोम को क्षय रोग होने का श्राप दिया था। इस श्राप से मुक्ति पाने के लिए चंद्रमा ने भगवान शिव की तपस्या की।
चंद्रमा ने जिस शिवलिंग की स्थापना और पूजा की थी, वह भगवान शिव के आशीर्वाद से सोमेश्वर अर्थात् सोमनाथ कहलाया।
जब आप मंदिर के अंदर आएंगे तो आपको मंदिर के शीर्ष पर एक कलश रखा हुआ दिखाई देगा। इस कलश का वजन करीब 10 टन है और यहां फहराए जाने वाले झंडे की ऊंचाई 27 फीट है।
इस मंदिर की महिमा और समृद्धि से प्रभावित होकर महमूद गजनवी ने 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हमला किया था। इस मंदिर को 17 बार नष्ट किया गया और हर बार इसका पुनर्निर्माण किया गया।
वर्तमान में जो मंदिर खड़ा है उसका निर्माण भारत के गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा किया गया था, और 1 दिसंबर, 1995 को भारत के राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा द्वारा राष्ट्र को समर्पित किया गया था।
इस मंदिर की महिमा भारत ही नहीं दूर-दूर तक फैली हुई है।
