कान छेदने के पीछे क्या है साइंस? जानें स्टाइल्स का प्रभाव
कान छेदने के पीछे क्या है साइंस? जानें स्टाइल्स का प्रभाव

कान छेदने की साइंस और प्रभाव

सुझाव: हमेशा किसी प्रोफेशनल और स्वच्छ वातावरण में कान छिदवाएं और छेद के बाद की साफ-सफाई और देखभाल को नजरअंदाज न करें।
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एक्यूप्रेशर और एक्यूपंक्चर

पारंपरिक चीनी चिकित्सा के अनुसार, कानों में कुछ खास पॉइंट्स पर छेद करने से शरीर के विभिन्न अंगों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
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पारंपरिक चीनी चिकित्सा के अनुसार, कानों में कुछ खास पॉइंट्स पर छेद करने से शरीर के विभिन्न अंगों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

आयुर्वेद का मत

आयुर्वेद में कहा गया है कि बाएं कान में लड़कों और दाएं कान में लड़कियों का छेदना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है।

आयुर्वेद में कहा गया है कि बाएं कान में लड़कों और दाएं कान में लड़कियों का छेदना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है।

ब्रेन पॉइंट्स पर असर

कुछ वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि कान में छेद करने से मस्तिष्क की नसों पर हल्का उत्तेजनात्मक प्रभाव पड़ता है, जो दिमागी संतुलन को बेहतर बना सकता है।

कुछ वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि कान में छेद करने से मस्तिष्क की नसों पर हल्का उत्तेजनात्मक प्रभाव पड़ता है, जो दिमागी संतुलन को बेहतर बना सकता है।

इम्यून सिस्टम पर भी असर

कान में छेद के दौरान माइल्ड प्रिकिंग (हल्की चुभन) शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को सक्रिय करती है, जिससे इम्युनिटी में सुधार हो सकता है।

कान में छेद के दौरान माइल्ड प्रिकिंग (हल्की चुभन) शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को सक्रिय करती है, जिससे इम्युनिटी में सुधार हो सकता है।

Single Stud (एक छेद)

क्लासिक और मिनिमल लुक, आमतौर पर कोई नकारात्मक असर नहीं।

क्लासिक और मिनिमल लुक, आमतौर पर कोई नकारात्मक असर नहीं।

Double/Triple Piercing

युवाओं में ट्रेंडिंग, लेकिन ज्यादा छेद संक्रमण या स्किन इरिटेशन की संभावना बढ़ा सकते हैं।

युवाओं में ट्रेंडिंग, लेकिन ज्यादा छेद संक्रमण या स्किन इरिटेशन की संभावना बढ़ा सकते हैं।

Cartilage Piercing (ऊपरी हिस्से में छेद)

स्टाइलिश लुक, लेकिन यह हिस्सा नाज़ुक होता है, जिससे हीलिंग में ज्यादा समय लग सकता है।

स्टाइलिश लुक, लेकिन यह हिस्सा नाज़ुक होता है, जिससे हीलिंग में ज्यादा समय लग सकता है।

गलत छेद का नुकसान

गलत जगह पर छेद नसों पर असर के साथ सिरदर्द, इन्फेक्शन या सुनने की क्षमता में गिरावट करता है, नॉन-हाइजीनिक तरीकों से छेद कान सड़ने या केलॉइड्स का खतरा बनाता है।

गलत जगह पर छेद नसों पर असर के साथ सिरदर्द, इन्फेक्शन या सुनने की क्षमता में गिरावट करता है, नॉन-हाइजीनिक तरीकों से छेद कान सड़ने या केलॉइड्स का खतरा बनाता है।

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