नवरात्रि में जलाते हैं क्यों अखंड ज्योति, जानें जरूरी नियम
नवरात्रि में भक्त देवी दुर्गा का विशेष आशीर्वाद पाने के लिए घर पर अखंड दीपक भी जलाते हैं।
लेकिन क्या आप अखंड ज्योति जलाने की सभी विधियां और विशेष नियम जानते हैं?
धार्मिक मान्यता है कि जहां भी नवरात्रि के दौरान अखंड ज्योति जलती है, वहां मां दुर्गा का वास होता है।
मान्यता है कि मां दुर्गा की मूर्ति या कलश के पास अखंड ज्योत जलाने से परिवार में सुख-समृद्धि आती है।
नवरात्रि के दौरान घर में अखंड ज्योति जलाने का सबसे पहला नियम यह है कि घर में जिस स्थान पर अखंड ज्योति जलाई जाती है उस स्थान पर किसी का मौजूद रहना जरूरी है, उसे कभी भी खाली नहीं छोड़ना चाहिए।
नवरात्रि के दौरान अखंड ज्योति जलाने का दूसरा नियम यह है कि इसे सीधे जमीन पर न रखें।
बल्कि अखंड ज्योति रखने के लिए चौकी या कलश का प्रयोग करना उचित रहता है।
अगर आप किसी चौकी पर अखंड ज्योति रखते हैं तो सबसे पहले वहां लाल कपड़ा बिछाएं।
कलश के ऊपर अखंड ज्योति रखने से पहले उसके नीचे गेहूं रखकर ही ज्योति जलाएं।
शास्त्रीय नियम के अनुसार अखंड दीपक की बाती लाल कलावे की होनी चाहिए, जिससे शुभता आती है और मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं।
अगर अखंड ज्योति घी से बनी हो तो इसे मां दुर्गा की मूर्ति या तस्वीर के दाहिनी ओर रखना चाहिए।
वहीं, अगर अखंड ज्योति सरसों के तेल की है तो इसे मां की मूर्ति के बाईं ओर रखना शुभ माना जाता है।
9 दिनों तक अखंड ज्योत बुझने न पाए इसके लिए उसके चारों ओर कांच का घेरा लगा देना चाहिए।
इसके साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि नौ दिनों तक दीपक में घी या तेल खत्म नहीं होना चाहिए।
ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि के साथ-साथ मां दुर्गा की विशेष कृपा भी प्राप्त होती है।
