किन संकेतों को देख बदल देना चाहिए बाइक का टायर
टायर सिर्फ रबर नहीं, सुरक्षा की गारंटी
बाइक का टायर माइलेज, परफॉर्मेंस और सड़क पर आपकी सुरक्षा में सबसे अहम भूमिका निभाता है।
समय-समय पर करें जांच
अगर आप नियमित रूप से बाइक चलाते हैं तो टायरों की स्थिति को समय-समय पर चेक करना बेहद जरूरी है।
हर टायर की होती है एक उम्र
बाइक के टायर अनंत समय तक नहीं चलते। एक निश्चित दूरी तय करने के बाद उनकी क्षमता कम होने लगती है।
30,000 KM के बाद हो जाएं सतर्क
आमतौर पर एक बाइक टायर लगभग 30,000 किलोमीटर तक अच्छा प्रदर्शन करता है। इसके बाद उसे बदलने पर विचार करना चाहिए।
ग्रिप घिस गई? तुरंत बदलें
अगर टायर की ग्रिप या ट्रेड पैटर्न घिस चुका है तो सड़क पर फिसलने का खतरा बढ़ जाता है।
ट्यूबलेस टायर भी नहीं रहते हमेशा नए
बार-बार पंचर होने वाले ट्यूबलेस टायर कमजोर हो जाते हैं। ऐसे टायरों को रिप्लेस करना बेहतर होता है।
खराब टायर बढ़ाते हैं हादसों का खतरा
घिसे हुए या कमजोर टायर अचानक फट सकते हैं, जिससे सड़क दुर्घटना होने की आशंका बढ़ जाती है।
लापरवाही पड़ सकती है महंगी
कई लोग पैसे बचाने के लिए पुराने टायर इस्तेमाल करते रहते हैं, लेकिन यह फैसला जान जोखिम में डाल सकता है।
सुरक्षित सफर के लिए याद रखें ये बात
बाइक के टायरों की नियमित जांच करें और जरूरत पड़ते ही उन्हें बदलवा दें। सुरक्षित टायर ही सुरक्षित यात्रा की कुंजी हैं।

