By: Simran Singh
NavBharat Live Desk
यह विटामिन नर्वस सिस्टम को संतुलित रखने में मदद करता है। इसकी कमी से थकान, चिड़चिड़ापन और नींद न आने की समस्या हो सकती है।
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सूरज की रोशनी से मिलने वाला यह विटामिन मूड और नींद दोनों को प्रभावित करता है। कम विटामिन D से इंसोम्निया और डिप्रेशन की संभावना बढ़ती है।
यह विटामिन मेलाटोनिन और सेरोटोनिन जैसे नींद से जुड़े हार्मोन को बनाने में मदद करता है। इसकी कमी से नींद बाधित हो सकती है।
नींद की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद करता है। खासकर उम्रदराज लोगों में इसकी कमी से नींद में बार-बार रुकावट आती है।
स्ट्रेस कम करने वाला विटामिन है। इसकी कमी से तनाव बढ़ता है, जिससे नींद में खलल पड़ सकता है।
यह भी दिमागी कार्यों और नींद के लिए जरूरी है। इसकी कमी से नींद की अवधि कम हो सकती है।
अगर आपको नींद न आने की समस्या लंबे समय से है, तो एक बार ब्लड टेस्ट कराकर इन विटामिन्स का स्तर जरूर जांचें
डॉक्टर की सलाह अनुसार सप्लीमेंट लें या खानपान में बदलाव करें।