बेहद खतरनाक है हेपेटाइटिस की बीमारी, जानिए इसके लक्षण और बचाव!
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के आंकड़ों के मुताबिक दुनियाभर में करीब 35.4 करोड़ लोग इससे प्रभावित होते हैं।
Hepatitis से संक्रमित व्यक्ति अक्सर थका हुआ और बीमार महसूस करते हैं। इसलिए आराम करना चाहिए।
अगर हेपेटाइटिस की बीमारी लंबे समय तक बनी रहे तो लिवर काम करना बंद कर देता है या लिवर कैंसर हो जाता है।
हेपेटाइटिस लिवर से जुड़ी बीमारी है, जो संक्रमण, अल्कोहल के अधिक सेवन, कुछ खास दवाओं के अधिक उपयोग और दूषित खान पान से फैलती है।
वैसे तो हेपेटाइटिस से बचाव और इलाज उपलब्ध है, लेकिन हेपेटाइटिस के शुरुआती लक्षण न के बराबर या नजर न आने के कारण खतरा बढ़ सकता है।
स्किन का पीला पड़ना,आंखों में पीलापन आना और नाखून का रंग पीला हो जाना इसके शुरुआती लक्षण हो सकते हैं।
स्किन का पीला पड़ना,आंखों में पीलापन आना और नाखून का रंग पीला हो जाना इसके शुरुआती लक्षण हो सकते हैं।
हेपेटाइटिस को वायरस के आधार पर पांच प्रकार में बांटा जाता है। जिसमें हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी और ई शामिल है।
हेपेटाइटिस से बचने का सबसे बेहतर तरीका ये है कि अपनी संतान को बचपन में ही इससे जुड़े हर तरह की वैक्सीन लगवा लें।
वैक्सीन लगाने से हेपेटाइटिस का रिस्क काफी हद तक कम हो जाता है।
हेपेटाइटिस अत्यधिक शराब के सेवन, संक्रमण, ऑटोइम्यून यानी स्व-प्रतिरक्षित रोग के कारण होता है, जिसके कारण लीवर में सूजन और जलन की समस्या हो जाती है, इसे हेपेटाइटिस रोग कहा जाता है।
