

370 Biryani Controversy Viral Video: आज के दौर में इंटरनेट की दुनिया में कब कौन सा मुद्दा बड़ा बवाल मचा दे, इसका अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल है। हाल ही के दिनों में सोशल मीडिया पर 370 रुपये की बिरयानी का एक ऐसा ही मुद्दा हर तरफ छाया हुआ है। इस पूरे मामले के सेंटर में हैं जाने-माने स्टैंडअप कॉमेडियन प्रणीत मोरे, जो अपने ही एक शो के चलते चारोंतरफ से मुश्किलों से घिर गए हैं।
आम आदमी से लेकर एंटरटेंमेंट जगत के बड़े-बड़े सितारे इस विवाद पर लगातार अपना रिएक्शन दे रहे हैं। इसी कड़ी में अब एक और मशहूर कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी भी एक पोस्ट के कारण नए झमेले में फंसते नजर आ रहे हैं।
370 रुपये की बिरयानी के बाद जब सोशल मीडिया पर कॉमेडियन प्रणीत मोरे की जमकर क्लास लग रही थी, तभी मुनव्वर फारूकी ने भी इस मामले में एंट्री मारते हुए देर रात प्रणीत मोरे पर जमकर निशाना साधा। मुनव्वर पहले ट्वीट में मजाकिया लहजे में लिखा कि उन्होंने गूगल से दुनिया की सबसे महंगी बिरयानी के बारे में पूछा था, तो गूगल ने उन्हें प्रणीत मोरे से संपर्क करने की सलाह दे दी।' मुनव्वर फारूकी यहीं नहीं रुके, उन्होंने अपने अगले ट्वीट में ताना मारते हुए कहा कि जिन कॉमेडियन्स को खुद जोक्स लिखना नहीं आता और जो ऑडियंस के भरोसे शो चलाते हैं, उन्हें अपने वीडियो इंटरनेट पर डालने से पहले वकीलों से एडिट करवा लेने चाहिए।'
मुनव्वर फारूकी ने इस पूरे विवाद को गंदगी बताते हुए साफ कहा कि इसे किसी भी कीमत पर कॉमेडी का नाम नहीं दिया जा सकता। मुनव्वर ने कहा कि बिरयानी वाले इस जोक का बचाव किसी भी कॉमेडी शो में नहीं किया जा सकता है। मुनव्वर के इन बयानों ने सोशल मीडिया पर एक नया हंगामा खड़ा कर दिया। प्रणीत मोरे के फैंस और आम यूजर्स आमने-सामने आ गए। लेकिन दिलचस्प बात यह रही कि यह हंगामा अभी पूरी तरह परवान भी नहीं चढ़ा था कि मुनव्वर फारूकी अचानक घबरा गए। मुनव्वर ने बिना कोई सफाई दिए रातों-रात अपने ये सारे विवादित ट्वीट सोशल मीडिया हैंडल से हटा दिए।
मुनव्वर फारूकी द्वारा अचानक ट्वीट्स को डिलीट करने की इस हरकत ने फैंस को हैरान कर दिया है। अब लोग सोशल मीडिया पर मुनव्वर से लाखों सवाल पूछ रहे हैं कि अगर मुनव्वर को अपनी बातें वापस ही लेनी थीं, तो उन्होंने इतना बड़ा बयान दिया ही क्यों था। क्या मुनव्वर को किसी कानूनी कार्रवाई का डर सता रहा था या फिर वह इस विवाद से खुद को दूर रखना चाहते थे।
बता दें कि इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने स्वतः संज्ञान लेते हुए प्रणित मोरे और हिमांशु जांगड़ा को 22 जून को आयोग के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया है। साथ ही हरियाणा पुलिस से भी मामले में कार्रवाई रिपोर्ट मांगी गई है। अब महाराष्ट्र साइबर पुलिस की FIR के बाद यह विवाद केवल सोशल मीडिया बहस तक सीमित नहीं रह गया है। आने वाले दिनों में जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी।