विनेश फोगाट के डिस्क्वालिफाई होते ही एक्स पर ट्रेंड होने लगा 'पनौती', जानें क्या कह रहे हैं लोग

विनेश फोगाट के डिसक्वालीफाई होते ही सोशल मीडिया एक पर 'पनौती' शब्द ट्रेंड करने लगा। सोशल मीडिया पर लोग अपनी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं। 140 करोड़ लोग निराश हैं। कोई इसे साजिश बता रहा है, तो कोई इसे बदकिस्मती बता रहा है। कुछ ऐसे भी लोग हैं जो इसे करनी का फल बता रहे हैं। आइए जानते हैं सोशल मीडिया में इस विषय पर क्या बातें हो रही हैं।
Vinesh Phogat Fight
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मुंबई: विनेश फोगाट के डिसक्वालिफाई होते ही सिर्फ उस खिलाड़ी का सपना नहीं टूटा, 140 करोड़ लोग निराश हो गए। उस परिवार का सपना टूट गया जो दशकों से घर में सोने के तमगे का इंतजार कर रहा था, उस गांव का सपना टूट गया जिस गांव ने गीता और बबीता फोगाट के बाद विनेश फोगाट से उम्मीद बांध ली थी। भारत की उन बेटियों का सपना टूट गया जिन्होंने विनेश फोगाट में अपने आदर्श को देखा था, इसे बदकिस्मती की पराकाष्ठा नहीं तो और क्या कहेंगे, 2016-रियो ओलंपिक, 2020-टोक्यो ओलंपिक और 2024-पेरिस ओलंपिक में जी जान से मेहनत करने के बावजूद विनेश फोगाट के हाथ में आता हुआ गोल्ड मेडल फिसल गया।

सोशल मीडिया पर इसको लेकर बहस चल रही है। कोई इसे साजिश का रहा है, तो कोई इसे बदकिस्मती कह रहा है, कुछ ऐसे भी लोग हैं जो इसे करनी का फल भी बता रहे हैं। कोई कुछ भी कहे लेकिन यह कड़वा सच है कि विनेश फोगाट के गोल्ड मेडल ना जीत पाने का दर्द उन्हें जिंदगी भर सताएगा। क्योंकि शायद ये उनका आखिरी ओलंपिक साबित हो, लेकिन सच यह भी है विनेश फोगाट के साथ हुई इस घटना के बाद भारत की जो बेटियां सपनों की उड़ान भरने के लिए पंख फैला रही थी, कहीं ना कहीं उस पर करारा प्रहार हुआ है।

फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला

विनेश फोगाट भारतीय महिला पहलवान जिसने पेरिस ओलंपिक 2024 में तहलका मचाया। एक ही दिन में तीन बड़े मैच जीतने वाली खिलाडी बनीं। प्री क्वार्टर फाइनल में उन्होंने वर्ल्ड चैंपियन युई सुसाकि को हराने के बाद अपने इरादे साफ कर दिए थे। उसके बाद क्वार्टर फाइनल मैच और फिर सेमीफाइनल मैच में भी विनेश फोगाट ने अपना दबदबा कायम रखा और वह फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गई। गोल्ड मेडल से विनेश फोगाट बस एक कदम दूर थी। तब एक बुरी खबर आई जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया, वह खबर यह थी कि विनेश फोगाट को बढे हुए वजन के कारण खेल से डिसक्वालीफाई कर दिया गया है। देश घोर निराशा में डूब गया।

विनेश फोगाट के डिसक्वालीफाई होते ही नेता और बॉलीवुड सितारे यहां तक की आम लोगों ने भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की और इस खबर को निराशाजनक बताया। सोशल मीडिया पर 'पनौती' शब्द ट्रेंड करने लगा और यह कहा जाने लगा कि भारत की शेरनी को पनौती लग गई है। दरअसल 'पनौती' शब्द भारत की राजनीति में भी काफी मायने रखता है। ऐसे में सोशल मीडिया पर एक खास वर्ग एक राजनीतिक वर्ग को निशाना बनाता हुआ नजर आ रहा है।

विनेश फोगाट की जीत पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए पोस्ट किया था। वहीं दिनेश फोगाट के डिसक्वालीफाई होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से भी पोस्ट किया गया है। इन सबके अलावा मुक्केबाज विजेंद्र सिंह ने पीटीआई को दिए गए इंटरव्यू में बताया कि दिनेश फोगाट के साथ जो घटना हुई वह किसी साजिश का हिस्सा हो सकती है। क्योंकि एक एथलीट हमेशा ही अपना वजन कम करने और उसे बढ़ाने की तकनीक को जानता है। ऐसे में 100 ग्राम वजन अधिक रह जाना समझ से परे है, तो ऐसे में यह कहा जा सकता है कि विनेश फोगाट के डिसक्वालीफिकेशन पर अब साजिश का आरोप भी लगने लगा है।

सोशल मीडिया पर विनेश के साथ हुई इस घटना को लोग साजिश का हिस्सा बता रहे हैं। तो वहीं कुछ लोगों का यह मानना है कि उनके साथ जो हुआ वह बदकिस्मती है, जो किसी के साथ नहीं होनी चाहिए। वहीं सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे भी लोग हैं जो इसे विनेश फोगाट की करनी का फल बता रहे हैं। एक यूजर में लिखा है कि मिले हुए मेडल को पानी में बहाया था तो मैडल तुम्हारे पास कैसे आएगा।

सोशल मीडिया पर चाहे जो भी बात चल रही हो, लेकिन भारत की 140 करोड़ जनता विनेश फोगाट के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। वह जानती है कि देश की बेटी विनेश फोगट ने जो किया है वह आने वाली बेटियों के लिए प्रेरणा बनने वाला है। पूरे देश की जनता विनेश के साथ है।

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