

Mumbai Python Rescue Viral Video: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई की भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच अचानक ऐसा नजारा सामने आया, जिसने लोगों की सांसें थाम दीं। कहीं तारों की मरम्मत चल रही थी, तो कहीं रात की खामोशी में सड़क किनारे हलचल दिखी और तभी सामने आए दो विशालकाय अजगर। एक 9 फीट लंबा सांप इंटरनेट डक्ट के अंदर छिपा मिला, तो दूसरा 8 फीट का अजगर राजमार्ग के पास रेंगता दिखाई दिया।
धारावी और बांद्रा में हुई इन दो अलग-अलग घटनाओं से इलाके में अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। आखिर कैसे हुआ इन खतरनाक दिखने वाले अजगरों का सुरक्षित रेस्क्यू?
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में दो अलग-अलग घटनाओं में 9 फीट और 8 फीट लंबे अजगरों को सुरक्षित बचाया गया है। धारावी में पुलिस कांस्टेबल सचिन मोरे ने रेस्क्यू किया, जबकि बांद्रा में बचावकर्ता कौशिक किनी और ऋषित सावंत की मदद ली गई।
मुंबई के धारावी इलाके में उस समय अफरातफरी मच गई, जब वायर रिपेयरिंग के दौरान इंटरनेट डक्ट के अंदर एक 9 फीट लंबा अजगर पाया गया। यह घटना धारावी पुलिस स्टेशन क्षेत्र में एक नेचुरल पार्क के पास हुई थी। इस विशालकाय सांप की सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस के कांस्टेबल सचिन मोरे तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे।
कांस्टेबल मोरे ने अपनी विशेष ट्रेनिंग और सूझबूझ का परिचय देते हुए अजगर को सुरक्षित तरीके से पकड़ा और उसे रेस्क्यू किया। मुंबई पुलिस के अनुसार, कांस्टेबल सचिन मोरे एक प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यूर हैं। उनके इस साहसी कार्य का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहां लोग पुलिसकर्मी के साहस की प्रशंसा कर रहे हैं। सफल बचाव के बाद, 9 फुट के अजगर को वन विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया गया, ताकि उसकी उचित देखभाल और सुरक्षित पुनर्वास सुनिश्चित किया जा सके।
धारावी की घटना के अलावा, मुंबई के बांद्रा (पूर्व) क्षेत्र से भी एक अन्य अजगर के रेस्क्यू की जानकारी मिली है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बांद्रा में मिला अजगर 8 फुट लंबा था। इस अजगर को बुधवार रात को बांद्रा के कलानगर इलाके में एक राजमार्ग के पास देखा गया था।
अजगर दिखने की सूचना मिलने के बाद, पुलिस ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। इस बचाव कार्य के लिए पुलिस ने बाहरी विशेषज्ञ सहायता भी ली। पुलिस ने बचावकर्ता कौशिक किनी और ऋषित सावंत की मदद से इस आठ फुट लंबे अजगर को सफलतापूर्वक बचाया। इस तरह, मुंबई में दो अलग-अलग स्थानों से इन दो विशालकाय अजगरों को सुरक्षित निकाला गया, जिससे वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई।