Maulana Sajid Rashidi on Shalimar Bagh Mosque Demolition: दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में मैक्स हॉस्पिटल रोड के चौड़ीकरण के लिए प्रशासन द्वारा की गई अतिक्रमण कार्रवाई के बाद राजनीतिक और धार्मिक संगठनों की प्रतिक्रिया लगातार सामने आ रही हैं। इस दौरान मदीना मस्जिद के अवैध विस्तार और आसपास के अवैध निर्माणों को हटाया गया था। इस कार्रवाई को लेकर ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने दिल्ली सरकार और प्रशासन पर तीखे सवाल उठाए हैं। मौलाना रशीदी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यदि कोई निर्माण अवैध है तो उसे रात के अंधेरे में क्यों गिराया जाता है। उन्होंने सहारनपुर की कलेक्टोरेट मस्जिद का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी प्रशासन ने सील करने की बात कहकर रात में करीब तीन-चार बजे मस्जिद को गिरा दिया था, जबकि उसके ध्वस्तीकरण का कोई आदेश नहीं था। शालीमार बाग की मस्जिद के मामले में भी ऐसा ही हुआ है।
मौलाना रशीदी ने कहा कि समाज में एक ऐसा वर्ग है जो नहीं चाहता कि मुसलमान देश में खुशी से रहें और अपने धर्म का पालन स्वतंत्रता के साथ करें। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान, जिसे डॉ. भीमराव अंबेडकर ने बनाया है, सभी धर्मों को समान अधिकार देता है। संविधान के अनुसार हर हिंदू, मुसलमान, ईसाई और सिख को अपने धर्म का पालन करने की पूरी स्वतंत्रता है। एक हिंदू को जितने अधिकार प्राप्त हैं, उतने ही अधिकार एक मुसलमान को भी प्राप्त हैं, इसमें कोई भेदभाव नहीं है। कुछ लोगों के मन में इस्लाम को लेकर भय और मुसलमानों के प्रति नफरत है, इसलिए वे ऐसी सोच रखते हैं।