Lankesh Bhakt Mandal Demands End To The Burning Of Ravana Effigies: देशभर में विजयदशमी का पर्व भगवान श्रीराम की विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। दशहरे पर जगह-जगह रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया जाता है। लेकिन भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा में विजयदशमी के अवसर पर एक अलग धार्मिक तस्वीर सामने आई। यहां लंकेश भक्त मंडल के सदस्यों ने दशानन रावण की पूजा-अर्चना कर आरती उतारी और रावण दहन की परंपरा बंद करने की मांग उठाई। यमुना पार स्थित रावण लंकेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए मंडल ने रावण के व्यक्तित्व, उसकी विद्वता और भगवान शिव के प्रति उसकी भक्ति को सामने रखने का प्रयास किया।
विजयदशमी के अवसर पर यमुना पार स्थित रावण लंकेश्वर महादेव मंदिर में लंकेश भक्त मंडल के सदस्य एकत्रित हुए। यहां रावण की पूजा-अर्चना और आरती के माध्यम से सदस्यों ने अपनी धार्मिक मान्यताओं को व्यक्त किया। मंडल के अध्यक्ष ओमवीर सारस्वत के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में रावण के उन गुणों पर जोर दिया गया, जिन्हें मंडल के सदस्य उसके व्यक्तित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं।