कानपुर किडनी कांड: फर्जी डॉक्टर, सीक्रेट ऑपरेशन और गायब रिकॉर्ड…8वीं पास ‘डॉक्टर’ चला रहा था करोड़ों का रैकेट

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के कानपुर में सामने आए अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में अब तक 60 से ज्यादा ट्रांसप्लांट का खुलासा हुआ है।

Kanpur Kidney Transplant Racket: उत्तर प्रदेश के कानपुर में सामने आए अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में अब तक 60 से ज्यादा ट्रांसप्लांट का खुलासा हुआ है और आशंका है कि यह नेटवर्क पूरे प्रदेश और अन्य राज्यों तक फैला हुआ है। पुलिस को इसकी भनक एक साल पहले लगी थी, जिसके बाद ‘आरोही हॉस्पिटल’ और ‘आहूजा हॉस्पिटल’ तक जांच पहुंची। इस गिरोह का मुख्य आरोपी शिवम अग्रवाल, जो महज आठवीं पास और एम्बुलेंस चालक था, खुद को डॉक्टर बताकर मरीजों को फंसाता था। मेरठ के डॉक्टर अफजाल द्वारा टेलीग्राम के जरिए डोनर-रिसीवर की डील तय की जाती थी। बिहार के एक छात्र को डोनर बनाया गया, जबकि कई मरीजों के ऑपरेशन गुप्त तरीके से किए गए। ऑपरेशन के दौरान अस्पताल स्टाफ हटा दिया जाता था और कोई रिकॉर्ड नहीं रखा जाता था। पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और फरार लोगों की तलाश जारी है।

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