एक तरफ अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा पर तनाव को लेकर बयान सामने आया है, तो दूसरी तरफ पाकिस्तान का तुर्की, क़तर और इंडोनेशिया के साथ "बद्र रक्षा समझौता" चर्चा में है। क्या एशिया में नए सुरक्षा समीकरण बन रहे हैं? चीन के साथ सीमा पर भारत की चुनौती क्या है? पाकिस्तान की इस नई साझेदारी पर भारत का कितना असर पड़ सकता है? इन दोनों अहम मुद्दों पर मेजर जनरल राजन कोचर से नवभारत लाइव से सीनियर एंकर तन्मय बरनवाल ने बात की जिसपर उन्होंने बड़ा खुलासा किया किया साथ ही हाल के बयानबाजियों पर चिंता जाहिर की है।
मेजर जनरल राजन कोचर ने कहा "देखिए पहले तो एक डीजी जो आईटीबीपी का है, उसका जुरिस्डिक्शन एक पर्टिकुलर एरिया के लिए होता है, और ना कि वो पूरे एलएसी के ऊपर एक अपना विवरण दे। मुझे अच्छा लगता है कि एक हमारे कोर कमांडर या ओवरऑल मिलिट्री कमांडर या आर्मी कमांडर जो रिस्पांसिबल हैं इस पूरे एरिया की और जो पूरी जानकारी रखते हैं, अगर उनकी तरफ से यह स्टेटमेंट आया होता तो कुछ कहा जा सकता था।
इतना ही नहीं डिफेंस एक्सपर्ट ने कहा कि आई थिंक एक डीजी को अपने रोल के दायरे में रहना चाहिए। और अगर वो ऐसा कमेंट करते हैं, तो ये पूरी तरीके से सच्चाई नहीं है।" इस बीच उन्होंने भारत-चीन के बीच युद्ध को लेकर भी बड़ा बयान दिया है। हाल ही में पाकिस्तान का तुर्की, क़तर और इंडोनेशिया के साथ बद्र रक्षा समझौते पर भी विस्तृत जानकारी दी। देखें पूरा इंटरव्यू