Election Commission Voter List Rules: SIR को लेकर हो रहे प्रदर्शन और वोटर लिस्ट को लेकर उठ रहे विवाद के बीच चुनाव आयोग ने कई अहम बदलाव किए हैं। अब किसी मतदाता का नाम हटवाने के लिए मनमाने तरीके से आवेदन नहीं किया जा सकेगा। नए वोटर के रजिस्ट्रेशन, वोटर लिस्ट में सुधार और शिकायतों की सुनवाई से जुड़े नियमों में भी बदलाव किए गए हैं। सितंबर में द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में आयोग के कई फैसलों पर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज कराई थी। इन आपत्तियों का संबंध वोटर डाटा बीप नए मतदाताओं के रजिस्ट्रेशन और नाम हटाने की प्रक्रिया से था। इसके बाद आयोग ने बैठक से पहले एजेंडा साझा करने, बैठक के बाद लिखित मिनट्स तैयार करने और ईसीआई नेट जैसे डिजिटल सिस्टम की जांच करने के लिए विशेषज्ञों की मदद लेने समेत कई कदमों की घोषणा की। आयोग ने यह भी कहा कि मतभेद संस्थागत निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा है और उसके फैसले सर्वसहमति से लिए गए हैं।