Bhopal Cab Drivers Strike Against Ola Uber: भोपाल के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर हजारों टैक्सी चालकों ने ओला, उबर और रैपिडो जैसी कंपनियों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन और हड़ताल की है। ड्राइवरों का मुख्य आरोप है कि इन कंपनियों ने किराया इतना कम कर दिया है कि वे अपनी गाड़ियों की मासिक किस्तें (EMI) और बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी नहीं निकाल पा रहे हैं।
उनकी प्रमुख मांगों में ₹100 का न्यूनतम बेस फेयर और ₹25 प्रति किलोमीटर का कलेक्टर रेट लागू करना शामिल है। चालक इस बात से भी बेहद नाराज हैं कि निजी (प्राइवेट) नंबर वाली गाड़ियां अवैध रूप से टैक्सी के रूप में चलाई जा रही हैं, जिससे उनके काम में 30-40% की गिरावट आई है। चालकों के अनुसार, कमर्शियल गाड़ियों के कागजी कामकाज पर सालाना ₹60-70 हजार का खर्च आता है, जबकि निजी गाड़ियां बिना किसी नियम के चल रही हैं। टैक्सी यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि परिवहन मंत्री ने उनकी मांगें पूरी नहीं कीं, तो वे अपने परिवारों के साथ सड़कों पर बैठेंगे या आत्मदाह करने को मजबूर होंगे।