Air India हादसा: 40 दिन बाद आई चमत्कार की कहानी, एक नहीं 3 लोगों की बची थी जान

एयर इंडिया हादसे में मनीषा कछाड़िया ने आग में झुलसते हुए अपने बेटे ध्यानांश की जान बचाई थी। त्वचा दान कर इलाज कराया। 40 दिन बाद मां-बेटे को अस्पताल से छुट्टी मिली।

12 जून को अहमदाबाद में एयर इंडिया की फ्लाइट IC-171 बीजे मेडिकल कॉलेज के आवासीय परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस भीषण हादसे में विमान में सवार 242 में से 241 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे का एकमात्र जीवित बचा यात्री लोगों के लिए चमत्कार बन गया। लेकिन दो महीने बाद एक और दिल छू लेने वाली कहानी सामने आई। मनीषा कछाड़िया, अपने आठ महीने के बेटे ध्यानांश के साथ इमारत में थीं जब विमान टकराया और आग लग गई। आग की लपटों में घिरे होने के बावजूद मनीषा ने अपने शरीर से बेटे को ढक लिया और उसकी जान बचा ली। दोनों गंभीर रूप से झुलस गए थे। इलाज के दौरान मनीषा ने ध्यानांश के लिए अपनी त्वचा भी दान की। करीब 40 दिन अस्पताल में रहने के बाद मां-बेटे को पिछले हफ्ते छुट्टी मिल गई। ध्यानांश इस हादसे का सबसे कम उम्र का जीवित बचा व्यक्ति है। मनीषा के पति कपिल कछाड़िया बीजे मेडिकल कॉलेज में यूरोलॉजी के एमसीएच छात्र हैं।

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