Election Commission Controversy: कांग्रेस नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सिंघवी ने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपने साथी चुनाव आयुक्तों को दरकिनार कर पूरी संस्था को एक तरह से हाईजैक कर लिया है। उन्होंने इसे संस्थागत स्वतंत्रता पर बड़ा आघात और 'आंतरिक बुलडोजर' का घिनौना उदाहरण करार दिया। सिंघवी ने 1995 के सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले का हवाला देते हुए याद दिलाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त केवल बराबरों में प्रथम होते हैं, न कि अन्य चुनाव आयुक्तों से वरिष्ठ।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि निर्णय प्रक्रिया में सभी आयुक्तों की समान भूमिका होनी चाहिए और यदि केवल मुख्य चुनाव आयुक्त की बात को ही अंतिम माना जाएगा तो अन्य आयुक्त महज सजावटी या निष्प्रभावी बनकर रह जाएंगे। उन्होंने खुलासा किया कि पिछले 10 महीनों में साथी चुनाव आयुक्तों ने कम से कम 14 बार अपनी लिखित असहमति और विरोध दर्ज कराया है, जिसे नजरअंदाज किया गया।