उत्तरकाशी में महसूस हुए भूकंप के तेज झटके, चार दिनों में दूसरी बार डोली धरती

Uttarkashi Earthquake: उत्तराखंड के उत्तरकाशी और आसपास के इलाकों में रात 8:07 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। चार दिन में राज्य में दूसरी बार भूकंप के झटके आने से लोग सतर्क हैं।
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सांकेतिक तस्वीरSource- Social Media
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Highlights

  • उत्तरकाशी में रात 8:07 बजे भूकंप महसूस किया गया।

  • इससे पहले मंगलवार रात बागेश्वर केंद्र वाले 4.4 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।

  • उत्तरकाशी में आए ताजा भूकंप की तीव्रता 4.2 थी।

Uttarakhand Earthquake: उत्तराखंड के उत्तरकाशी में शनिवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 4.2 दर्ज की गई। झटके रात करीब 8 बजकर 7 मिनट पर महसूस किए गए। भूकंप के बाद लोगों में दहशत फैल गई और कई लोग एहतियातन अपने घरों से बाहर निकल आए। फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।

इससे पहले मंगलवार रात करीब 10:23 बजे भी उत्तराखंड के कई इलाकों में 4.4 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए थे, जिसका केंद्र बागेश्वर रहा था।

कहां था भूकंप का केंद्र?

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, भूकंप का केंद्र उत्तरकाशी से करीब 2 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में था। इसकी गहराई धरती की सतह से 11 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई।

उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल किसी भी इलाके से नुकसान की खबर नहीं मिली है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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4 दिन पहले आया था भूकंप

इससे पहले 6 अक्टूबर को भी उत्तराखंड में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। उस दौरान भूकंप की तीव्रता 4.9 दर्ज की गई थी और इसका सबसे ज्यादा असर चमोली जिले में रहा था।

उस भूकंप के झटके पौड़ी गढ़वाल, ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार और नैनीताल समेत कई जिलों में महसूस किए गए थे। लगातार भूकंपीय गतिविधियों के बीच लोगों में चिंता बनी हुई है।

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क्यों आता है भूकंप?

धरती पर 7 प्लेट्स होती हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। इन प्लेट्स के घर्षण और टकराने से एक क्षेत्र बनता है जिसे फॉल्ट लाइन जोन कहते हैं। कई बार टकराव के कारण प्लेट्स के किनारे मुड़ जाते हैं या टूट जाते हैं। प्लेट्स के टूटने से निकलने वाली तरंगें और ऊर्जा फैलती हैं, जिससे धरती हिलती है। इसे भूकंप कहा जाता है।

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