Chamoli Glacier Burst : उत्तराखंड के चमोली एवलांच में अब तक 47 मजदूरों का रेस्क्यू, 8 अब भी दबे, टेंशन में PM मोदी

Uttarakhand Chamoli Avalanche : उत्तराखंड के चमोली जहां बीती रात 8 बजे तक 33 लोगों का रेस्क्यू कर लिया गया था। वहीं आज सुबह से 18 लोगों को निकाला गया। फिलहाल 8 लोगों की तलाश जारी है।
चमोली एवलांच में अब तक 47 मजदूरों का रेस्क्यू
चमोली एवलांच
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देहरादुन : जहां इस समय उत्तराखंड के उंचाई वाले क्षेत्रों में भारी से भारी बर्फबारी हो रही है। वहीं इन सबके बीच उत्तराखंड के चमोली से मिली एक ऱाहत वाली खबर के अनुसार जहां बीती रात 8 बजे तक 33 लोगों का रेस्क्यू कर लिया गया था। वहीं आज सुबह से 18 लोगों को निकाला गया। फिलहाल 8 लोगों की तलाश जारी है। वहीं PM मोदी ने CM धामी से रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली है।

जानकारी के अनुसार चमोली हादसे पर PM मोदी ने भी रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली और इस बाबत मुख्यमंत्री धामी से बात भी की है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

बता दें कि, उत्तराखंड के चमोली में बीते 28 फरवरी को सुबह 7:15 बजे एवलांच आया था । यहां एक बर्फ का पहाड़ खिसका जिसकी चपेट में 55 लोग आ गए। कल रात 8 बजे तक 33 लोगों का रेस्क्यू कर लिया गया था। वहीं आज सुबह 18 लोगों को निकाला गया। 8 लोगों की तलाश जारी है।

वहीं हिमस्खलन बचाव अभियान पर चमोली डीएम संदीप तिवारी ने कहा, "55 लोगों में से 47 लोगों को सकुशल बाहर निकाला गया है और 7 लोगों को हम जोशीमठ अस्पताल में लेकर आए हैं जिनका इलाज चल रहा है। 3 लोगों की स्थिति स्थिर है।आशा करता हूं कि 8 लोग जो बचे हैं वो भी हमें सकुशल मिल जाए।"

इस बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन में सेना, ITBP, BRO, SDRF और NDRF के 200 से ज्यादा जवान लगे हुए हैं। हालांकि आज भी मौसम चुनौती बना हुआ है। एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था फिलहाल नहीं हो पाई। सेना का Mi-17 हेलिकॉप्टर स्टैंड बाय पर है। घटना बद्रीनाथ से 3 किलोमीटर दूर चमोली के माणा गांव में हुई है।

जानकारी दें कि, बीते 28 फरवरी को सुबह श्रमिक चमोली जिले में माणा गांव के निकट बर्फ हटा रहे थे, तभी वे हिमस्खलन की चपेट में आ गए। बदरीनाथ से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित माणा, भारत-तिब्बत सीमा पर बसा आखिरी गांव है, जो 3,200 मीटर की ऊंचाई पर है।

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