

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के बड़कोट इलाके में देर रात बादल फटने की बड़ी घटना सामने आई है। यह हादसा रात करीब 1 बजे हुआ। इस समय 8 से 9 मजदूर एक कंस्ट्रक्शन साइट पर काम कर रहे थे तभी अचानक बादल फटने से मौके पर मौजूद 8 से 9 मजदूर पानी के तेज बहाव में बह गए।
एसडीआरएफ और पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। इलाके में भारी बारिश और मलबे के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है। रेस्क्यू टीम मलबे में दबे मजदूरों की तलाश जारी रखे हुए है।
उत्तरकाशी डीएम प्रशांत आर्य ने बताया कि रविवार को उत्तरकाशी के बड़कोट-यमुनोत्री मार्ग पर बलिगढ़ में बादल फटने की घटना हुई। इससे भारी नुकसान हुआ, जहां एक निर्माणाधीन होटल साइट पर काम कर रहे 8-9 मजदूर लापता हो गए। पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ मौके के लिए रवाना हो गई है।
उत्तरकाशी जिला प्रशासन ने बताया कि घटना के कारण यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-94) पर सिलाई बैंड के पास दो से तीन स्थानों पर मलबा आने से सड़क बंद हो गई है। एनएच विभाग को सूचित कर दिया गया है, ताकि जल्द से जल्द सड़क साफ कर यातायात बहाल किया जा सके। इस प्राकृतिक आपदा से क्षेत्र के कुथनौर गांव में कई ग्रामीणों की खेती योग्य भूमि को भी नुकसान पहुंचा है. हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक किसी प्रकार की जनहानि या पशुहानि की सूचना नहीं मिली है और स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।
बता दें कि पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश से तबाही मची है। पहले हिमाचल प्रदेश में बादल फटने से तबाही देखने को मिली थी। अब उत्तराखंड में भारी बारिश ने कहर बरपाया है।
मौसम विभाग (IMD) ने उत्तराखंड में 29 जून को देहरादून और नैनीताल समेत 7 जिलों के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इन 7 जिलों में भारी से बहुत ज्यादा बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की चेतावनी दी है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अगले 24 घंटे में पहाड़ और मैदान दोनों जगहों के लिए अलर्ट जारी किया गया है।