बजरंग दल और RSS जानलेवा कैंसर... कश्मीरी शॉल कारोबारी की पिटाई पर भड़कीं इल्तिजा मुफ्ती

Uttarakhand के उधम सिंह नगर में एक कश्मीरी शॉल कारोबारी की पिटाई पर इल्तिजा मुफ्ती ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बजरंग दल और RSS की तुलना 'कैंसर' से किया और इसे गांधी के भारत के लिए खतरा बताया।
Iltija Mufti furious over beating of Kashmiri shawl trader
कश्मीरी शॉल बेचने वाले की पिटाई, फोटो- सोशल मीडिया
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Iltija Mufti Statement on Bajrang Dal and RSS: उत्तराखंड के काशीपुर में कश्मीरी शॉल कारोबारी बिलाल अहमद पर हुए हमले ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। 'भारत माता की जय' के नारे न लगाने पर हुई इस कथित पिटाई पर पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती ने बजरंग दल और आरएसएस को देश के लिए 'जानलेवा कैंसर' करार दिया है।

उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के अंतर्गत आने वाले काशीपुर क्षेत्र में बुधवार को एक शर्मनाक घटना सामने आई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कश्मीर के कुपवाड़ा निवासी बिलाल अहमद, जो पिछले लगभग 10 वर्षों से प्रतापपुर इलाके में शॉल बेचने का काम कर रहे थे, उन्हें भीड़ का शिकार होना पड़ा। कथित तौर पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने बिलाल को घेर लिया और उन्हें 'भारत माता की जय' बोलने के लिए मजबूर किया। जब बिलाल ने ऐसा करने से मना कर दिया, तो उनके साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी गई। हमलावरों ने उनके चेहरे और सिर पर मुक्के मारे और उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए तुरंत राज्य छोड़कर जाने को कहा।

इल्तिजा मुफ्ती का तीखा हमला: "गांधी का भारत मौत की कगार पर"

इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की नेता इल्तिजा मुफ्ती ने सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एक कश्मीरी को सिर्फ इसलिए पीटा क्योंकि उसने एक विशेष नारा लगाने से इनकार कर दिया था। मुफ्ती ने आगे बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि "बजरंग दल और आरएसएस एक जानलेवा कैंसर की तरह हैं, जो भारत को बीमार कर रहे हैं"। उन्होंने यह भी चिंता व्यक्त की कि महात्मा गांधी का समावेशी भारत अब "मौत की कगार पर" खड़ा है।

पुलिस से हस्तक्षेप और FIR की मांग

वारदात के बाद पीड़ित बिलाल अहमद का सामान भी लूट लिया गया, जिससे स्थानीय कारोबारी समुदाय में भय व्याप्त है। इस मामले में जम्मू-कश्मीर छात्र संघ (JKSA) ने सक्रियता दिखाते हुए उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक (DGP) दीपम सेठ को एक औपचारिक पत्र लिखा है। संघ ने आरोप लगाया कि बिलाल उस इलाके में नए नहीं थे और लंबे समय से शांतिपूर्वक अपना व्यापार कर रहे थे। जेकेएसए ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में तुरंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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