

Chardham Yatra: रविवार सुबह भगवान श्री हरि के धाम बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही चार धाम यात्रा जोरों पर शुरू हो गई है। बदरीनाथ धाम के कपाट आज सुबह छह बजे खोल दिए गए। मंदिर के रावल यानी मुख्य पुजारी ने वैदिक रीति से पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के कपाट खोले। इस दौरान महिलाओं ने पारंपरिक लोकगीत गाए और गढ़वाल राइफल्स के बैंड ने परिसर को मधुर ध्वनियों से भर दिया।
रविवार सुबह मंदिर परिसर में 10 हजार से अधिक श्रद्धालु मौजूद थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी भगवान की पूजा-अर्चना करने मंदिर पहुंचे। श्रद्धालु अगले छह माह तक भगवान बदरी विशाल के दर्शन कर सकेंगे। तीन मई को भगवान बदरी विशाल की पालकी, आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी, कुबेर और उद्धव की उत्सव डोली धाम पहुंची थी।
इस दौरान बदरीनाथ धाम और यहां मौजूद श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई। धाम के कपाट खुलते ही सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पूरे मंदिर परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। गढ़वाल राइफल्स, एसडीआरएफ, पीएसी और एलआईयू के 500 जवान तैनात किए गए हैं।
बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा जोरों पर शुरू हो गई है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी भगवान के दर्शन करने मंदिर पहुंच गए हैं। इसके चलते सुरक्षा के और कड़े इंतजाम किए गए हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने यहां श्रद्धालुओं से बातचीत भी की है।
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज का दिन बहुत ही शुभ है, आज भगवान बदरी विशाल के कपाट खुल गए हैं। मैं उत्तराखंड की पावन धरती पर सभी तीर्थयात्रियों के आगमन पर उनका स्वागत करता हूं और ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि सभी तीर्थयात्रियों की यात्रा सकुशल संपन्न हों। सभी व्यवस्थाएं कर ली गई हैं।
इससे पहले गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया पर 30 अप्रैल और केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई को खोले गए थे। गौरतलब है कि हर वर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु चारधाम यात्रा के लिए 'देवभूमि' पहुंचते हैं।