केदारनाथ में फंसे MP के 51 तीर्थयात्रियों को निकाला, गंगा खतरे के निशान के करीब

उत्तराखंड जारी बारिश के कारण हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने वाला है। राज्य में चारधाम यात्रा भी रोकी गयी है। साथ ही मध्य प्रदेश के 51 लोगों को सुरक्षित स्थान पर रेस्क्यू करके लाया गया है.....
impact of rain on Chardham Yatra
बारिश का असर (सौ. से सोशल मीडिया)
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देहरादून/भोपाल : उत्तराखंड की चारधाम यात्रा पर बारिश का असर देखने को मिल रहा है। भारी बारिश और भूस्खलन की घटनाओं को लेकर सरकार ने सावधानी बरतते हुए तीर्थयात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी करके सुरक्षित स्थानों पर रुकने के लिए कहा है। साथ ही केदारनाथ में फंसे लोगों को सकुशल निकालने के लिए भी कोशिशें जारी है। वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने की पहल पर राज्य सरकार ने बृहस्पतिवार को उत्तराखंड के अधिकारियों की मदद से राज्य के 51 लोगों को केदारनाथ मंदिर से हवाई मार्ग से निकालकर रुद्रप्रयाग पहुंचाया।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मीडिया को जानकारी देते हु्ए बताया कि राज्य सरकार ने बृहस्पतिवार को उत्तराखंड के अधिकारियों की मदद से राज्य के 51 लोगों को केदारनाथ मंदिर से हवाई मार्ग से निकालकर रुद्रप्रयाग पहुंचाया। यादव ने बताया कि केदारनाथ में दस और लोग फंसे हुए हैं, लेकिन उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। उन्होंने एक बयान में बताया कि शिवपुरी जिले के बदरवास कस्बे से कुल 61 लोग बस और अन्य चार पहिया वाहनों से उत्तराखंड में चार धाम यात्रा पर गए थे, लेकिन भूस्खलन के चलते वे केदारनाथ में फंस गए।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, “जैसे ही हमें उनके बारे में जानकारी मिली, हमने तुरंत उत्तराखंड सरकार से संपर्क किया और फंसे हुए कुल 61 लोगों में से 51 को हेलीकॉप्टर के जरिए रुद्रप्रयाग पहुंचाया।”

वहीं उत्तराखंड के हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है, वर्तमान में यह 293.35 मीटर पर बह रही है। खतरे का निशान 294 मीटर है।

इसके पहले उत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश से भूस्खलन एवं बाढ़, 20 से अधिक लोगों की मौत हो गयी है। उत्तर भारत के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन और नदियों के उफान पर आ जाने के कारण कई घर बह गए तथा सैकड़ों लोग फंसे हुए हैं। बारिश और भूस्खलन के चलते कई लोग लापता हैं, ऐसे में बचाव दल उखड़ चुके पेड़ों और ढह चुकी इमारतों के बीच से जीवित बचे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।

उत्तराखंड में रातभर हुई भारी बारिश के कारण 12 लोगों की मौत हो गई, कई घर ध्वस्त हो गए और कई इलाके जलमग्न हो गए। हरिद्वार जिले में छह, टेहरी में तीन, देहरादून में दो, चमोली में एक व्यक्ति की जान चली गयी।

-एजेंसी इनपुट के साथ

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