बाबा के 'बांटने' का क्या होगा लाभ, 9 विधानसभा सीटों पर योगी-मोदी का ऐसे गुणगान कर रहे पदाधिकारी

हरियाणा के बाद अब अपने उत्तर प्रदेश में भी योगी आदित्यनाथ मतदाताओं से संवाद स्थापित करने उतरेंगे। इसके पहले वह योजनाओं का लाभ देने के लिए बड़े-बड़े कैंप लगाकर लोगों पर अपनी छाप छोड़ने की कोशिश कर चुके हैं।
बाबा के 'बांटने' का क्या होगा लाभ, 9 विधानसभा सीटों पर योगी-मोदी का ऐसे गुणगान कर रहे पदाधिकारी
जनता के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (सौ. से यूपी सरकार)
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लखनऊ :  अभी हाल में संपन्न हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारतीय जनता पार्टी ने अनवरत तीसरी बार फतह हासिल की। चुनाव प्रचार में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जनता से संवाद काफी कारगर साबित हुआ। हरियाणा के बाद अब अपने उत्तर प्रदेश में भी योगी आदित्यनाथ मतदाताओं से संवाद स्थापित करने उतरेंगे। इसके पहले वह योजनाओं का लाभ देने के लिए बड़े-बड़े कैंप लगाकर लोगों पर अपनी छाप छोड़ने की कोशिश कर चुके हैं।

उत्तर प्रदेश में 9 विधानसभा सीटों पर 13 नवंबर को उपचुनाव है। योगी आदित्यनाथ हर सीट पर भाजपा व सहयोगी दल प्रत्याशी के लिए संवाद करने पहुंचेंगे। योगी आदित्यनाथ संवाद के जरिए एनडीए को जिताने की अपील तो करेंगे, लेकिन चुनाव के पहले ही यहां विकास और सुशासन के बलबूते उन्होंने आमजन के दिल में जगह बना ली है। अगस्त से सितंबर तक सीएम योगी ने इन जिलों में नई परियोजनाओं की गंगा बहाकर विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। विकास, सुशासन और संवाद के जरिए योगी आदित्यनाथ ने उपचुनावों में जीत की नींव तैयार कर ली है।

प्रत्याशी मैदान में, सरकार-संगठन घर-घर तक

भाजपा व सहयोगी दल के प्रत्याशी चुनाव मैदान में प्रचार में जुटे हैं तो वहीं योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में सरकार के मंत्री व भाजपा के पदाधिकारी भी क्षेत्रों में प्रचार में जुटे हैं। सभी 9 सीटों पर योगी सरकार के कद्दावर मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी चुनाव प्रचार में लगे हैं। वहीं भाजपा संगठन भी सरकार, पदाधिकारियों व स्थानीय नेताओं संग चुनाव प्रचार में घर-घर तक योगी सरकार के कार्यों, कानून व्यवस्था व सुशासन के बलबूते कमल खिलाने की अपील कर रहा है।

मिशन-9 पर योगी की विकास यात्रा

योगी आदित्यनाथ ने यूपी की 9 सीटों पर होने वाले उपचुनाव के पहले ही बतौर मुखिया यहां विकास की बयार बहाई। 17 अगस्त को अंबेडकरनगर में युवाओं को नियुक्ति पत्र, ऋण वितरण व स्मार्टफोन-टैबलेट वितरण किया। 22 अगस्त को मुजफ्फरनगर जनपद में योगी आदित्यनाथ ने लगभग 5000 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिया, लगभग 50 करोड़ का ऋण वितरण किया, 2500 से अधिक युवाओं को स्मार्टफोन-टैबलेट दिया। 27 अगस्त को मैनपुरी में विकास का कारवां जारी रहा। यहां भी 3700से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र, ऋण वितरण, 2500 से अधिक युवाओं को स्मार्टफोन व टैबलेट वितरण किया गया। 28 अगस्त को अलीगढ़ में 4000 युवाओं को नियुक्ति पत्र, 35 करोड़ का ऋण वितरण, 1500 से अधिक विद्यार्थियों को स्मार्टफोन-टैबलेट बांटा। 705 करोड़ की 305 परियोजनाओं का लोकार्पण भी किया।

इसके साथ ही साथ 29 अगस्त को कानपुर नगर में नियुक्ति पत्र वितरण, 191 करोड़ का ऋण वितरण, 8000 से अधिक युवाओं को स्मार्टफोन-टैबलेट वितरण किया। पहली सितंबर को सीएम योगी ने मीरजापुर में नियुक्ति पत्र वितरित किया। एक हजार लाभार्थियों को ऋण वितरित किया। 1300 युवाओं को स्मार्टफोन-टैबलेट दिया। 2 सितंबर को मुरादाबाद, 3 सितंबर को मैनपुरी, 4 सितंबर को फूलपुर, 8 सितंबर को अंबेडकरनगर, 18 सितंबर को गाजियाबाद, 23 सितंबर को मीरजापुर को योगी आदित्यनाथ ने विकास की नई परियोजनाओं से जोड़ा।

योगी ने संभाली कमान तो खिला है कमल

उत्तर प्रदेश में जब-जब उपचुनाव हुआ, योगी आदित्यनाथ ने भाजपा कार्यकर्ता के रूप में प्रचार की कमान संभाली। इसका परिणाम हुआ कि भाजपा व सहयोगी दलों ने काफी कमाल किया। गोला गोकर्णनाथ में तत्कालीन विधायक अरविंद गिरि के निधन से सीट रिक्त हुई तो 2022 में योगी के प्रचार की बदौलत अमन गिरि यहां से कमल खिलाने में सफल हुए। मई 2023 में छानबे सीट पर उपचुनाव में अपना दल (सोनेलाल) की रिंकी कोल व स्वार टांडा में अपना दल (एस) के शफीक अंसारी चुनाव जीते। इन दोनों के लिए भी योगी ने पसीना बहाया और जनता से संवाद के बलबूते इन्हें लखनऊ पहुंचाया। रामपुर में आकाश सक्सेना, ददरौल से उपचुनाव में अरविंद सिंह की जीत भी योगी के संवाद का ही नतीजा है। लखनऊ पूर्व से आशुतोष टंडन के निधन के उपरांत हुए उपचुनाव में भी योगी ने भाजपा प्रत्याशी ओपी श्रीवास्तव के लिए प्रचार-प्रसार किया, वे भी इस सीट से जीतकर सदन पहुंचे।

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