UP में आंधी-तूफान और बारिश ने मचाई भारी तबाही, 60 से अधिक लोगों की मौत, वंदे भारत समेत कई ट्रेनें थमीं

UP Storm Damage: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आए विनाशकारी आंधी-तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचाई है। इस आपदा में अब तक 60 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।
Storms and heavy rains wreak havoc in UP; over 60 dead, several trains—including Vande Bharat—halted.
कार के ऊपर गिरा पेड़ फोटो (सो. PTI)
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UP Storm Damage News In Hindi: उत्तर प्रदेश में बुधवार को मौसम के बदले मिजाज ने भारी तबाही मचाई है। प्रदेश के कई हिस्सों में आए तेज आंधी-तूफान, धूल भरी आंधी और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आने से राज्य के अलग-अलग जिलों में अब तक कुल 60 से अधिक लोगों की दर्दनाक मौत की खबर है, जबकि दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं।

क्या है जिलों का हाल?

आंधी-पानी की चपेट में आने से सबसे ज्यादा तबाही बरेली और कानपुर मंडल में देखने को मिली। आंकड़ों के अनुसार, कानपुर मंडल में 14 और बरेली में 14 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा  प्रयागराज में 9, मिर्जापुर में 6 और प्रतापगढ़ में 4 लोगों और भदोही में 11 ने अपनी जान गंवाई है। वहीं, सीतापुर और रायबरेली में भी 2-2 लोगों की मौत की खबर है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति अधिक गंभीर है, जहां तेज हवाओं के कारण कच्चे मकान ढह गए और टीन शेड उड़ गए। खेतों में खड़ी फसलों को भी इस बेमौसम बारिश और आंधी से भारी नुकसान पहुंचा है।

यातायात और बिजली व्यवस्था ठप

तूफान की गति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरे प्रदेश में दो हजार से अधिक पेड़ जड़ से उखड़ गए। बिजली के खंभे गिरने से कई जिलों में घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। सड़कों पर पेड़ गिरने के कारण यातायात पूरी तरह से थम गया, जिससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

रेलवे नेटवर्क भी इस तूफान से अछूता नहीं रहा। पटरियों पर पेड़ गिरने के कारण कई महत्वपूर्ण ट्रेनें बीच रास्ते में ही फंस गईं। प्रयागराज-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस भी इसके कारण लगभग सवा घंटे तक रुकी रही, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई।

राहत और बचाव कार्य जारी

राज्य प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे तत्काल नुकसान का आकलन करें और पूरी रिपोर्ट शासन को भेजें ताकि प्रभावितों को सहायता प्रदान की जा सके।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

एक तरफ जहां आंधी-बारिश ने कुछ इलाकों में गर्मी से मामूली राहत दी है। वहीं बुंदेलखंड और दक्षिणी जिले अब भी भीषण गर्मी की चपेट में हैं। बुधवार को बांदा 45.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला दर्ज किया गया। इसके बाद झांसी (44.5) और प्रयागराज (43.5) में भी तापमान काफी ऊंचा रहा।

मौसम विभाग की चेतावनी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, बृहस्पतिवार से तापमान में फिर से बढ़ोतरी शुरू हो जाएगी। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए कई जिलों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने के लिए कहा है।

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