मुजफ्फरनगर में चीनी के बढ़े दाम के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन, 45 रुपये किलो में बेची गई 5 क्विंटल चीनी

Muzaffarnagar News: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में चीनी के बढ़ते दामों के विरोध में किसान यूनियन ने 45 रुपये किलो की दर से चीनी बेची। यहां रुड़की चुंगी पर करीब 5 क्विंटल चीनी कुछ ही समय में बिक गई।
Muzaffarnagar Sugar Price Protest Farmers Sell Sugar at ₹45 per Kg
चीनी बेचते हुए किसान यूनियन (सोर्स- फोटो नवभारत)
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Muzaffarnagar Sugar Price Protest: चीनी के बढ़े बाजार भाव के विरोध में भारतीय किसान यूनियन लाल बहादुर शास्त्री ने अनोखे तरीके से प्रदर्शन किया। गुरुवार सुबह करीब 10 बजे संगठन की ओर से रुड़की चुंगी पर चीनी बिक्री का स्टॉल लगाया गया। यहां लोगों को 45 रुपये प्रति किलो की दर से चीनी उपलब्ध कराई गई। यूनियन पदाधिकारियों के मुताबिक स्टॉल पर रखी करीब पांच क्विंटल चीनी कुछ ही समय में बिक गई।

यूनियन के जिला अध्यक्ष चौधरी शादाब ने कहा कि पहले चीनी का भाव करीब 45 रुपये प्रति किलो था, जबकि वर्तमान में बाजार में यही चीनी 60 से 65 रुपये किलो तक बिक रही है। संगठन का कहना है कि बढे दामों का सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है। इसी के विरोध में बाजार भाव से कम कीमत पर चीनी बेचकर सरकार तक संदेश पहुंचाया जा रहा है।

करीब सात महीने का चीनी स्टॉक उपलब्ध

चीनी के बढ़े बाजार भाव को लेकर भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री के एक संबोधन में प्रदेश में करीब सात महीने का चीनी स्टॉक उपलब्ध होने की बात कही गई थी। संगठन का सवाल है कि यदि पर्याप्त स्टॉक मौजूद है तो बाजार में चीनी के दाम लगातार क्यों बढ़ रहे हैं। यूनियन ने सरकार से चीनी को पुराने स्तर यानी 45 रुपये प्रति किलो की दर पर उपलब्ध कराने की मांग की।

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महानगर अध्यक्ष मोहम्मद शाहिद ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है, जबकि दूसरी ओर चीनी के दाम बढ़ रहे हैं। उनका कहना है कि यदि किसानों को गन्ने का उचित भाव नहीं मिल रहा है तो उपभोक्ताओं पर महंगी चीनी का बोझ भी नहीं डाला जाना चाहिए।

अलग स्थानों पर स्टॉल लगाकर बेचेंगे 45 रुपये किलो

जिला संरक्षक बाबा श्यामलाल ने कहा कि चीनी के दाम को लेकर मुख्यमंत्री को कई बार पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। किसान यूनियन ने मुजफ्फरनगर में अलग-अलग स्थानों पर इसी तरह स्टॉल लगाकर 45 रुपये किलो की दर से चीनी उपलब्ध कराने और बढ़े दामों का विरोध जारी रखने की घोषणा की।

पदाधिकारियों के अनुसार, जल्द ही गरीब बस्तियों में भी ऐसे स्टॉल लगाए जाएंगे। संगठन का कहना है कि जब तक चीनी के दाम पुराने स्तर पर नहीं आते, तब तक अभियान जारी रहेगा। यूनियन से जुड़े 15 राज्यों में भी इसी तरह अभियान चलाने की बात कही गई है।

पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री के एक संबोधन में प्रदेश में करीब सात महीने का चीनी स्टॉक उपलब्ध होने की बात कही गई थी। संगठन का सवाल है कि यदि पर्याप्त स्टॉक मौजूद है तो बाजार में चीनी के दाम लगातार क्यों बढ़ रहे हैं। यूनियन ने सरकार से चीनी को पुराने स्तर यानी 45 रुपये प्रति किलो की दर पर उपलब्ध कराने की मांग की।

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मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्रो का नहीं मिला कोई जवाब

जिला संरक्षक बाबा श्यामलाल ने कहा कि चीनी के दाम को लेकर मुख्यमंत्री योगी को कई बार पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। यूनियन ने मुजफ्फरनगर में अलग-अलग स्थानों पर इसी तरह स्टॉल लगाकर 45 रुपये किलो की दर से चीनी उपलब्ध कराने और बढ़े दामों का विरोध जारी रखने की घोषणा की।

पदाधिकारियों के अनुसार, जल्द ही गरीब बस्तियों में भी ऐसे स्टॉल लगाए जाएंगे। संगठन का कहना है कि जब तक चीनी के दाम पुराने स्तर पर नहीं आते, तब तक अभियान जारी रहेगा। यूनियन से जुड़े 15 राज्यों में भी इसी तरह अभियान चलाने की बात कही गई है। महानगर अध्यक्ष मोहम्मद शाहिद ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है, जबकि दूसरी ओर चीनी के दाम बढ़ रहे हैं।

उनका कहना है कि यदि किसानों को गन्ने का उचित भाव नहीं मिल रहा है तो उपभोक्ताओं पर महंगी चीनी का बोझ भी नहीं डाला जाना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान जिला अध्यक्ष चौधरी शादाब, जिला संरक्षक बाबा श्यामलाल, महानगर अध्यक्ष मोहम्मद शाहिद, जिला मंत्री फिरोज खान, जिला मंत्री साहिल, जिला संगठन मंत्री ठाकुर मुरसलीन राव, जिला वरिष्ठ मंत्री साबिर चौधरी, सलमान रईस और शहजाद समेत संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।