सांसद अरुण गोविल ने मेरठ जेल में बंदियों को भेंट की रामायण; गौसेवा कर दिया सुधार का संदेश, देखें तस्वीरें

Arun Govil Meerut Jail Gandhi Jayanti: गांधी जयंती पर मेरठ जिला कारागार में सांसद अरुण गोविल ने गौसेवा की और बंदियों को रामायण की प्रतियां भेंट कीं। कार्यक्रम में आत्मचिंतन और सुधार का संदेश दिया।
Gandhi Jayanti 2026: Arun Govil Performs Cow Service Distributes Ramayan Copies Among Prisoners in Meerut Jail
सांसद अरुण गोविल(सोर्स- फोटो नवभारत)
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 गांधी जयंती एवं सेवा संकल्प के अवसर पर माननीय सांसद मेरठ अरुण गोविल ने जिला कारागार मेरठ में गौसेवा करते हुए गायों को चारा खिलाया और सभी बंदियों को रामायण की प्रतियां भेंट कीं। यह कार्यक्रम देशभर में चल रहे सेवा संकल्प अभियान 2026 और गांधी जयंती तक आयोजित सेवा पखवाड़ा की सेवा-भावना के अनुरूप आयोजित किया गया।
गांधी जयंती एवं सेवा संकल्प के अवसर पर माननीय सांसद मेरठ अरुण गोविल ने जिला कारागार मेरठ में गौसेवा करते हुए गायों को चारा खिलाया और सभी बंदियों को रामायण की प्रतियां भेंट कीं। यह कार्यक्रम देशभर में चल रहे सेवा संकल्प अभियान 2026 और गांधी जयंती तक आयोजित सेवा पखवाड़ा की सेवा-भावना के अनुरूप आयोजित किया गया। (सोर्स- फोटो नवभारत)
रामायण भेंट करने का उद्देश्य बंदियों को प्रभु श्रीराम के जीवन, आदर्शों और मर्यादा से प्रेरणा लेने का अवसर देना था। इस अवसर पर अरुण गोविल जी ने कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन सत्य, सेवा, त्याग, करुणा और मर्यादा का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि रामायण का अध्ययन बंदियों को आत्मचिंतन, मन की शांति और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा देगा।
रामायण भेंट करने का उद्देश्य बंदियों को प्रभु श्रीराम के जीवन, आदर्शों और मर्यादा से प्रेरणा लेने का अवसर देना था। इस अवसर पर अरुण गोविल जी ने कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन सत्य, सेवा, त्याग, करुणा और मर्यादा का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि रामायण का अध्ययन बंदियों को आत्मचिंतन, मन की शांति और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा देगा। (सोर्स- फोटो नवभारत)
कार्यक्रम का आयोजन वरिष्ठ अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा के नेतृत्व में किया गया। जेलर मनीष, जेलर अवनीश और अन्य कारागार कर्मियों ने आयोजन में सक्रिय सहयोग दिया। डॉ. शर्मा ने कहा कि कारागार का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि बंदियों को आत्मचिंतन, सुधार और समाज की मुख्यधारा में लौटने का अवसर देना भी है। उन्होंने कहा कि रामायण जैसे प्रेरक ग्रंथ बंदियों को धैर्य, मर्यादा और सद्कर्मों के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दे सकते हैं।
कार्यक्रम का आयोजन वरिष्ठ अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा के नेतृत्व में किया गया। जेलर मनीष, जेलर अवनीश और अन्य कारागार कर्मियों ने आयोजन में सक्रिय सहयोग दिया। डॉ. शर्मा ने कहा कि कारागार का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि बंदियों को आत्मचिंतन, सुधार और समाज की मुख्यधारा में लौटने का अवसर देना भी है। उन्होंने कहा कि रामायण जैसे प्रेरक ग्रंथ बंदियों को धैर्य, मर्यादा और सद्कर्मों के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दे सकते हैं। (सोर्स- फोटो नवभारत)
बंदी कल्याण एवं पुनर्वास के क्षेत्र में सक्रिय वीरीना फाउंडेशन के संस्थापक धीरेन्द्र सिंह भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। उनकी सहभागिता ने बंदियों के कल्याण और पुनर्वास के लिए समाज की सार्थक भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया।
बंदी कल्याण एवं पुनर्वास के क्षेत्र में सक्रिय वीरीना फाउंडेशन के संस्थापक धीरेन्द्र सिंह भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। उनकी सहभागिता ने बंदियों के कल्याण और पुनर्वास के लिए समाज की सार्थक भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया। (सोर्स- फोटो नवभारत)

गौसेवा और रामायण वितरण के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम ने गांधी जयंती पर करुणा, सद्भाव और सेवा का संदेश दिया। साथ ही, यह पहल बंदियों के भीतर आशा जगाने और उन्हें बेहतर भविष्य की ओर प्रेरित करने के संकल्प को सामने लायी।
गौसेवा और रामायण वितरण के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम ने गांधी जयंती पर करुणा, सद्भाव और सेवा का संदेश दिया। साथ ही, यह पहल बंदियों के भीतर आशा जगाने और उन्हें बेहतर भविष्य की ओर प्रेरित करने के संकल्प को सामने लायी।(सोर्स- फोटो नवभारत)

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