देवेंद्र प्रताप सिंह की सपा नेताओं से मुलाकात के क्या हैं सियासी मायने? शिक्षक MLC चुनाव से पहले चर्चाएं तेज

Gorakhpur-Faizabad Teachers' MLC Election: देवेंद्र प्रताप सिंह की सपा नेताओं से मुलाकात और फेसबुक पोस्ट ने सियासी चर्चाएं तेज हो गई। नवभारत ने उनका पक्ष जानने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं हो सकी।
Devendra Pratap Singh met SP leaders
सपा नेताओं के साथ देवेंद्र प्रताप सिंह(सोर्स: नवभारत लाइव)
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Highlights:

  • फेसबुक पर शिक्षकों और प्रतियोगी परीक्षार्थियों के नाम लिखा पत्र किया पोस्ट

  • अन्याय और अपमान के खिलाफ संघर्ष की बात

  • 23 अक्टूबर को सशक्त जनादेश देने की अपील से बढ़ीं चर्चाएं

Gorakhpur-Faizabad Teachers' MLC Election: गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक एमएलसी चुनाव में मतदान से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा के विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह के राजनीतिक रुख को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के नामांकन में उनके साथ नजर आए देवेंद्र प्रताप सिंह अब समाजवादी पार्टी से जुड़े नेताओं और समर्थकों के संपर्क में दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

इस बीच, नवभारत ने एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह से बातचीत कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया, लेकिन उनके दोनों मोबाइल नंबर स्विचऑफ बता रहे थे। इसके चलते इस पूरे घटनाक्रम पर उनका आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आ सका है।

देवेंद्र प्रताप सिंह ने अपने फेसबुक अकाउंट पर शिक्षकों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के नाम एक पत्र पोस्ट किया है। पत्र में उन्होंने अन्याय और अपमान के खिलाफ संघर्ष करने, शिक्षकों के सम्मान और न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाने की बात कही है। साथ ही उन्होंने 23 अक्टूबर को सशक्त जनादेश देने की अपील की है। उनके इस संदेश और रविवार को सपा नेताओं के साथ हुई मुलाकातों को लेकर शिक्षक एमएलसी चुनाव की सियासत में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

हालांकि, देवेंद्र प्रताप सिंह ने अपने पत्र में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी का नाम नहीं लिया है और न ही उनके समर्थन में खुलकर कोई आधिकारिक घोषणा की है। ऐसे में उनके पत्र को सीधे तौर पर सपा प्रत्याशी के समर्थन का ऐलान मानना जल्दबाजी होगी।

Devendra Pratap Singh Post
देवेंद्र प्रताप सिंह का पोस्ट(सोर्स: नवभारत लाइव)

फेसबुक पोस्ट में क्या लिखा है देवेंद्र प्रताप सिंह ने?

देवेंद्र प्रताप सिंह ने अपने हस्तलिखित पत्र की शुरुआत शिक्षकों और प्रतिभाशाली प्रतियोगी युवाओं को संबोधित करते हुए की है। उन्होंने लिखा है कि शिक्षकों और प्रतिभाशाली प्रतियोगी नौजवानों के हित में उनका पूरा जीवन समर्पित है। जिस तरह देश की सरहदों पर सैनिक विपरीत परिस्थितियों में अदम्य साहस के साथ देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं, उसी तरह वह भी उसी भाव और निष्ठा के साथ अपने साथियों के हितों के लिए संघर्ष करते हैं।

पत्र में उन्होंने अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करने की बात कही है। उन्होंने लिखा है कि सभी को न्याय मिले, इसके लिए वह संघर्ष की पराकाष्ठा तक जाते हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया है कि आज तक उनके दरवाजे से कोई निराश होकर खाली हाथ नहीं गया।

देवेंद्र प्रताप सिंह ने आगे लिखा है कि शिक्षक और प्रतियोगी नौजवान उनके परिवार का हिस्सा हैं। न्याय के लिए उनके संघर्ष को अपमानित किया गया है। जिनके मन में न्याय पाने की ललक है और जिन्हें उनके संघर्ष पर विश्वास है, जो उनके प्रति स्नेह, सम्मान और आत्मीय भाव रखते हैं, ऐसे सभी शिक्षक साथियों से उन्होंने अन्याय और अपमान के खिलाफ 23 अक्टूबर को सशक्त जनादेश देने की प्रार्थना की है।

उनके इस पत्र में अन्याय, अपमान, संघर्ष और सशक्त जनादेश जैसे शब्दों के इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। हालांकि, पत्र में किसी प्रत्याशी का नाम नहीं होने के कारण उनके संदेश के राजनीतिक निहितार्थ को लेकर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं।

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सपा नेताओं से मुलाकात, समर्थन के दावों से बढ़ी हलचल

देवेंद्र प्रताप सिंह के राजनीतिक रुख को लेकर चर्चा उस समय और तेज हो गई, जब रविवार को समाजवादी पार्टी से जुड़े लोगों ने सोशल मीडिया पर उनके साथ मुलाकातों और संपर्क को लेकर पोस्ट साझा करनी शुरू कीं। सपा से जुड़े कुछ लोग इन मुलाकातों को डॉ. संजयन त्रिपाठी के पक्ष में समर्थन के संकेत के तौर पर पेश कर रहे हैं।

इन पोस्ट और मुलाकातों के बाद शिक्षक एमएलसी चुनाव के समीकरणों को लेकर नई अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, अभी तक देवेंद्र प्रताप सिंह की ओर से सपा प्रत्याशी के समर्थन में कोई औपचारिक घोषणा सामने नहीं आई है। नवभारत की ओर से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास भी किया गया, लेकिन दोनों मोबाइल नंबर स्विचऑफ मिलने के कारण उनसे बातचीत नहीं हो सकी।

इसलिए सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों और राजनीतिक संकेतों के बीच अंतर करना जरूरी है। इसके बावजूद मतदान से ठीक पहले उनकी गतिविधियों ने चुनावी मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। राजनीतिक हलकों में इस बात पर नजर रखी जा रही है कि देवेंद्र प्रताप सिंह आने वाले दिनों में अपने रुख को लेकर कोई स्पष्ट बयान देते हैं या नहीं।

Devendra with Dhruv Tripathi
ध्रुव त्रिपाठी के साथ दिखे देवेंद्र(सोर्स: नवभारत लाइव)

ध्रुव कुमार त्रिपाठी के नामांकन में साथ दिखे थे देवेंद्र

इस घटनाक्रम का अहम पहलू यह है कि देवेंद्र प्रताप सिंह इससे पहले भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के नामांकन के दौरान उनके साथ नजर आए थे। उस समय उनकी मौजूदगी को भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में समर्थन और शिक्षक मतदाताओं के बीच एकजुटता के संकेत के रूप में देखा गया था।

अब सपा नेताओं और समर्थकों के साथ उनकी मुलाकातों की चर्चा ने राजनीतिक समीकरणों को लेकर अटकलों को हवा दे दी है। राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि 12 अक्टूबर को गोरखपुर में आयोजित शिक्षक सम्मेलन के दौरान देवेंद्र प्रताप सिंह को मंच पर जगह नहीं मिलने से वह नाराज थे। हालांकि, उनकी कथित नाराजगी और मौजूदा राजनीतिक गतिविधियों के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

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देवेंद्र के अगले कदम पर सबकी नजर

गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक एमएलसी चुनाव के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होना है। ऐसे में मतदान से ठीक पहले देवेंद्र प्रताप सिंह की गतिविधियां राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। शिक्षक समुदाय के बीच उनकी सक्रियता और शिक्षकों के नाम जारी पत्र के कारण उनके रुख पर सबकी नजर है।

फिलहाल, देवेंद्र प्रताप सिंह ने सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी के समर्थन का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है। लेकिन उनके फेसबुक पोस्ट और सपा से जुड़े लोगों के साथ मुलाकातों ने चुनावी माहौल को गरमा दिया है। मतदान से ठीक पहले क्या देवेंद्र प्रताप सिंह अपने पत्ते खोलते हैं या उनका रुख आखिरी समय तक सियासी अटकलों का विषय बना रहता है, यह काफी दिलचस्प होगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गृहजनपद होने के कारण गोरखपुर इस चुनाव के लिहाज से भी खास राजनीतिक महत्व रखता है। ऐसे में गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक एमएलसी चुनाव के नतीजों को लेकर राजनीतिक गलियारों से लेकर शिक्षक समुदाय तक में खास दिलचस्पी बनी हुई है। अब सबकी नजर 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान और उसके बाद आने वाले परिणामों पर टिकी है।

रिपोर्ट: अनुराग मिश्रा

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