रेल को पटरी से उतारने की तीसरी कोशिश, कानपुर-प्रयागराज ट्रैक पर मिला सिलेंडर, चालक की सतर्कता से हादसा टाला

कानपुर में मालगाड़ी के लोको-पायलट द्वारा आपातकालीन ब्रेक लगाने के बाद आज सुबह एक और ट्रेन को पटरी से उतारने की कोशिश नाकाम हो गयी। यह घटना तब हुई जब मालगाड़ी कानपुर से प्रयागराज की ओर जा रही थी।
रेल को पटरी से उतारने की तीसरी कोशिश, कानपुर-प्रयागराज ट्रैक पर मिला सिलेंडर
(फोटो सोर्स सोशल मीडिया)
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कानपुर : ट्रेन को पटरी से उतारने की कोशिश की एक और घटना कानपुर में सामने आई है, हालांकि लोको पायलट की सतर्कता से ये कोशिश नाकाम हो गयी। कानपुर में आज सुबह रेल की पटरी पर एक गैस सिंलेडर पड़ा मिला। इस दौरान मालगाड़ी के लोको पायलट द्वारा समय पर आपातकालीन ब्रेक लगा दिए गए जिससे बड़ी अनहोनी टल गई। घटना कानपुर जिले के महाराजपुर थाना क्षेत्र में प्रेमपुर रेलवे स्टेशन के निकट की है।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मालगाड़ी के लोको-पायलट द्वारा सतर्कता दिखाते हुए आपातकालीन ब्रेक लगाने के बाद रविवार सुबह एक और ट्रेन को पटरी से उतारने की कोशिश नाकाम हो गयी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह घटना तब हुई जब मालगाड़ी कानपुर से प्रयागराज की ओर जा रही थी।

प्रेमपुर स्टेशन के पास की घटना

लगभग एक महीने के भीतर यह तीसरी घटना है, जब रेल सेवा को बाधित करने की कोशिश की गयी है। रविवार को जारी एक बयान में कहा गया कि आज सुबह लगभग आठ बजकर 10 मिनट पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पुलिस ने सूचना दी कि प्रेमपुर स्टेशन से इलाहाबाद की तरफ जाने वाले रेलवे मार्ग पर लाल रंग का एक सिलेंडर पटरी पर रखा हुआ है। इस सूचना पर स्थानीय पुलिस ने तत्काल प्रेमपुर रेलवे स्टेशन पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। यह पाया गया कि लाल रंग का खाली सिलेंडर पटरी पर रखा हुआ था।

मामले की जांच शुरू

घटना को लेकर कानपुर पूर्व के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि लोको पायलट ने रेलवे अधिकारियों को सतर्क किया, जिन्होंने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और कानपुर पुलिस को सूचना दी और मामले की जांच शुरू की गयी। डीसीपी ने बताया कि मालगाड़ी के लोको पायलट ने पांच किलोग्राम वजन का एलपीजी सिलेंडर देखा, जिसके बाद आपातकालीन ब्रेक लगाकर कानपुर से प्रयागराज की ओर जा रही मालगाड़ी को रोक दिया गया।

एक महीने की भीतर तीसरी घटना

पुलिस अधिकारी ने बताया कि खोजी कुत्तों को काम पर लगाया गया और फोरेंसिक विशेषज्ञों को भी बुलाया गया। उन्होंने पाया कि एलपीजी सिलेंडर खाली था। अभी लगभग 15 दिन पहले ही प्रयागराज से भिवानी की ओर जा रही कालिंदी एक्सप्रेस को शिवराजपुर क्षेत्र में पटरी पर एलपीजी सिलेंडर रखकर पटरी से उतारने की कोशिश की गई थी। ट्रेन रुकने से पहले सिलेंडर से टकरा गई थी और ट्रेन की चपेट में आने से सिलेंडर पटरी से दूर जा गिरा था। इसी तरह कुछ दिनों पहले कानपुर-कासगंज रेल मार्ग पर पटरी के बीच गैस सिलेंडर रखकर ट्रेन पलटाने की कोशिश की गयी थी। दोनों ही मामलों में जांच की जा रही है। लगभग एक महीने की भीतर यह तीसरी घटना है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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