

प्रयागराज/संभलः उत्तर प्रदेश के संभल में स्थित शाही मस्जिद विवाद का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए मस्जिद इंतजामिया कमेटी को बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने संभल की जिला अदालत में चल रहे मुकदमे की सुनवाई पर रोक लगा दी है। 25 फरवरी तक मस्जिद विवाद में कोर्ट सुनवाई नहीं कर सकेगी।
संभल की शाही जामा मस्जिद की इंतजामियां कमेटी की तरफ से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रोक लगाई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सभी पक्षकारों से जवाब दाखिल करने को कहा है। पक्षकारों को 4 सप्ताह में जवाब दाखिल करना है। पक्षकारों के जवाब पर मस्जिद कमेटी को दो सप्ताह में अपना रिज्वांइडर यानी प्रत्युत्तर दाखिल करना होगा।
इस मामल की सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट की जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की सिंगल बेंच कर रही थी। जिला अदालत में चल रहे मुकदमे से जस्टिस रंजन की बेंच ने मुस्लिस पक्ष को फौरी राहत दी है। हाई कोर्ट इस मामले में 25 फरवरी को फिर से सुनवाई करेगी। संभल जिला अदालत में पेश सभी सबूतों एवं गवाहों को इस सुनवाई में शामिल नहीं किया जाएगी। इलाहाबाद हाईकोर्ट इस मामले पर नए सिरे सुनवाई करेगा।
गौरतलब है कि संभल की जिला अदालत में 19 नवंबर को हरिशंकर जैन व अन्य की तरफ से मुकदमा दाखिल किया गया था। इस मुकदमे के जरिए शाही जामा मस्जिद के स्थान को पूर्व में मंदिर बताया गया। इस मुकदमे की सुनवाई करते हुए जिला अदालत ने भारतीय पुरातत्व विभाग को सर्वे का आदेश दिया था।
इसके बाद पुलिस प्रशासन के साथ भारतीय पुरातत्व विभाग की टीम मस्जिद का सर्वे करने गई, इस दौरान बड़ी संख्या में मुस्लिम युवा मस्जिद के सर्वे का विरोध कर रहे थे। मौके पर हिंदुओ की काफी संख्या थी। इस दौरान कथित तौर पर भाजपा से जुड़े कुछ लोगों ने नारेबाजी। जिसके बाद हिंसा भड़क गई। इस हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई थी।