

UP Politics: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने विधानसभा में बताया कि समाजवादी पार्टी के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पास वर्तमान में सबसे अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात हैं, जिनकी संख्या 185 है।
इसके बाद, दूसरे स्थान पर बसपा प्रमुख मायावती का नाम आता है। उन्हें 161 सुरक्षाकर्मी दिए गए हैं, और इसके साथ ही उन्हें नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) की सुरक्षा भी प्राप्त है।डिप्टी सीएम मौर्य ने यह भी बताया कि अखिलेश यादव को 24 कोबरा कमांडो भी सुरक्षा के लिए तैनात किए गए हैं। यह जानकारी तब सामने आई जब समाजवादी पार्टी के एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने विधानसभा में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाया और स्पष्टीकरण मांगा। इसके जवाब में मौर्य ने कहा कि राज्य सरकार ने किसी भी पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा में कोई कमी नहीं की है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अखिलेश यादव की सुरक्षा पूरी तरह से सुनिश्चित है।
इस सुरक्षा मुद्दे पर अखिलेश यादव ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि पहले उन्हें एसडीआरएफ (स्पेशल ड्यूटी रिस्पॉन्स फोर्स) कवर मिला हुआ था, जिसे भा.ज.पा सरकार ने हटा दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि किस आधार पर उनकी सुरक्षा में बदलाव किया गया और इसके बारे में उन्हें पहले क्यों नहीं बताया गया।
अखिलेश ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार उनकी सुरक्षा में तैनात कर्मियों की संख्या को बढ़ा-चढ़ाकर बता रही है। उन्होंने कहा, "उनकी गाड़ी का दरवाजा खोलने वाले ड्राइवर तक को सुरक्षाकर्मियों की सूची में शामिल कर लिया गया है।"
इससे पहले, अखिलेश यादव ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर भी बीजेपी पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि चुनाव आयोग अब केवल बीजेपी आयोग बनकर रह गया है, और इससे उनकी पार्टी को नुकसान हो सकता है। यह सुरक्षा विवाद और बयानबाजी अब प्रदेश की राजनीति में और भी तूल पकड़ती जा रही है।