1 अक्टूबर से शुरू होगा 39वां गुरमत समागम; देशभर के रागी जत्थे कथा विचारक होंगे शामिल, होगा अमृत संचार

Gurmat Samagam Agra 2026: गुरुद्वारा गुरु का ताल में संत बाबा साधू सिंह मोनी और संत बाबा निरंजन सिंह की स्मृति में 1 से 3 अक्टूबर तक विशाल गुरमत समागम होगा। देशभर से रागी जत्थे और कथावाचक शामिल होंगे।
Gurmat Samagam 2026 at Gurudwara Guru Ka Taal Agra from October 1 to 3
39वां गुरमत समागम(सोर्स- फोटो नवभारत)
Published on: 
Updated on: 

Gurudwara Guru Ka Taal Agra: दो दशकों तक गुरुद्वारा गुरु का ताल की सेवा संभालते हुए इसे भव्यता प्रदान करने वाले संत बाबा साधू सिंह मोनी जी और गुरुद्वारे के स्वरूप को विशालता प्रदान करते हुए सुंदर निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले संत बाबा निरंजन सिंह जी की याद में एक से तीन अक्टूबर को विशाल कीर्तन समागम का आयोजन किया जा रहा है। पिछले 39 वर्षों से निरंतर हो रहे इस गुरमत समागम में देश के अनेक जाने-माने रागी जत्थे, धर्म प्रचारक, कथावाचक , सिंह साहिबान हिस्सा लेने आगरा आ रहे हैं। इस वर्ष हो रहे आयोजन की विस्तार से जानकारी देते हुए गुरमत समागम का पोस्टर विमोचन किया गया।

लंगर वितरण की सेवा के लिए मंज सेवा सोसायटी के सेवादार भी आ रहे आगरा

गुरुद्वारा गुरु का ताल के मौजूदा मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह ने बताया कि यह गुरमत समागम पिछले 38 वर्षों से निरंतर एक,दो, तीन अक्टूबर को आयोजित किया जा रहा है । इस गुरमत समागम का उद्देश्य नई पीढ़ी को महापुरुषों की ओर से किए गए कार्यों संघर्ष और इस गुरुद्वारे को भव्यता प्रदान किए जाने में किए गए अथक प्रयासों से रूबरू कराना है क्योंकि जब संत मोनी जी ने यहां सेवा संभाली तब यह पूरा क्षेत्र सुनसान जंगल हुआ करता था। दूर-दूर तक कोई आबादी नहीं थी और लोग यहां आने जाने से भी डरते थे।

Gurmat Samagam 2026 at Gurudwara Guru Ka Taal Agra from October 1 to 3
यूपी पुलिस को ही भंग कर सभी केस CBI को देने पड़ेंगे क्या? सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी

ऐसे समय में उन्होंने पूरे शहर की संगत को इस स्थान से जोड़ा और गुरुद्वारा का निर्माण कार्य शुरू कराया। उन्होंने बताया कि समागम में देश के प्रमुख रागी जत्थे, धर्म प्रचारक, सिंह साहिबान, ढाढ़ी जत्थों के साथ-साथ कविजन भी शामिल होते हैं। एक अक्टूबर शाम से शुरू होकर 3 अक्टूबर दोपहर तक चलने वाले इस गुरमत समागम में देश के विभिन्न हिस्सों से भारी संख्या में संगत भी हिस्सा लेने आती है। इस दौरान व्यवस्था संभालने व लंगर वितरण की सेवा के लिए सितारगंज से भाई मंज सेवा सोसायटी के सेवादार भी आगरा आ रहे हैं।

गुरमत समागम की आरंभता 1 अक्टूबर की शाम को 7 बजे से कवि दरबार के साथ होगी।

गुरुद्वारा गुरु का ताल के बाबा अमरीक सिंह ने बताया कि सन 1971 में संत बाबा साधू सिंह जी मोनी ने हजूर साहिब से आकर गुरुद्वारा गुरु का ताल की सेवा संभाली। संत बाबा निरंजन सिंह जी व मौजूदा मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह के सहयोग से उन्होंने इस गुरुद्वारा को भव्य स्वरूप दिया और काफी निर्माण कार्य कराये। उन्होंने बताया गुरमत समागम की आरंभता 1 अक्टूबर की शाम को 7 बजे से कवि दरबार के साथ होगी। कीर्तन समागम 2 अक्टूबर सुबह 9 बजे से भाई नंदलाल समागम हाल में शुरू होगा। यह दीवान दोपहर 3:00 बजे तक चलेगा। 2 अक्टूबर को ही शाम 7:00 बजे से रात्रि 12:00 बजे तक कीर्तन समागम का आयोजन रहेगा। श्री गुरु सिंह सभा माईथान के प्रधान कवलदीप सिंह और हेड ग्रंथी ज्ञानी कुलविंदर सिंह ने इस दो दिवसीय विशाल गुरमत समागम मैं संगत से बढ़कर हिस्सा लेने और गुरु घर की खुशियां प्राप्त करने की अपील की है।

मीडिया प्रभारी जसबीर सिंह ने बताया कि 3 अक्टूबर की सुबह गुरुद्वारा मंजी साहिब में अमृत संचार किया जाएगा। इसके लिए दिल्ली से गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से पंजप्यारे साहिबान अमृत पान कराने आएंगे।

Gurmat Samagam 2026 at Gurudwara Guru Ka Taal Agra from October 1 to 3
CM योगी का ऐलान; जल्द बढ़ेगी दिव्यांगजन की पेंशन राशि, सभी 18 मंडलों में बनेंगे जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र

यह रागी जत्थे देंगे हाजरी

तीन दिवसीय कीर्तन समागम में आने वाले प्रमुख सिंह साहिबान व रागी जत्थों में मुख्य रूप से सिंह साहिब ज्ञानी निशांन सिंह, श्रीदरबार साहिब अमृतसर, सिंह साहिब ज्ञानी रणजीत सिंह (हेड ग्रंथी गुरुद्वारा बंगला साहिब नई दिल्ली) ,सिंह साहिब ज्ञानी अंग्रेज सिंह( हेड ग्रंथी गुरुद्वारा शीशगंज साहिब नई दिल्ली ), भाई हरजोत सिंह जख्मी जालंधर, भाई तरनवीर सिंह जी रब्बी लुधियाना, बीबी दलेर कौर जी खालसा ढाढ़ी जत्था पंजाब आयोजन में कीर्तन व कथा विचार की मुख्य रूप से हाजिरी भरेंगे।

पोस्टर विमोचन में रहे शामिल

तीन दिवसीय गुरमत समागम के पोस्टर विमोचन कार्यक्रम के दौरान गुरुद्वारा गुरु का ताल के मौजूदा मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह, जत्थेदार राजेंद्र सिंह , महंत हरपाल सिंह, भाई जगतार सिंह जांगियाना, दलजीत सिंह सेतिया , गुरुद्वारा माईथान के प्रधान कमलदीप सिंह व ग्रंथी कुलविंदर सिंह, चौधरी मनजीत सिंह,परमजीत सिंह सारना,बॉबी वालिया , अरजिंदर सिंह ,नरेंद्र सिंह ललिया,बॉबी आनंद,ग्रंथि हरबंस सिंह, जोगा सिंह आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com