

Chhatrapati Shivaji Maharaj Memorial Agra: जिस आगरा की धरती पर मुगल बादशाह औरंगजेब ने हिंदवी स्वराज्य के महानायक छत्रपति शिवाजी महाराज को नजरबंद किया था, अब उसी ऐतिहासिक स्थल पर शिवाजी महाराज के शौर्य, साहस और स्वाभिमान की गाथा सुनाई देगी।
उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सरकार मिलकर आगरा में छत्रपति शिवाजी महाराज का भव्य स्मारक विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ी हैं। सोमवार को महाराष्ट्र से आए दो मंत्रियों ने उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के साथ राम सिंह की हवेली और कोठी मीना बाजार का निरीक्षण किया।
यह वही स्थान है जहां 1666 में औरंगजेब ने शिवाजी महाराज को नजरबंद रखा था। इतिहास में दर्ज है कि 11 मई 1666 को आगरा पहुंचे शिवाजी महाराज को औरंगजेब के दरबार में अपमानित किए जाने के बाद नजरबंद कर दिया गया था।
करीब 100 दिनों की नजरबंदी के बाद 17 अगस्त 1666 को उन्होंने अपनी अद्भुत रणनीति और साहस का परिचय देते हुए मुगल सुरक्षा व्यवस्था को चकमा दिया और आगरा से निकलने में सफल रहे। उनके पुत्र संभाजी के साथ मिठाई की टोकरियों में छिपकर निकलने की कथा आज भी शिवाजी के अदम्य साहस की मिसाल मानी जाती है।
खास बात यह है कि 17 अगस्त की इसी ऐतिहासिक तारीख पर आगरा में शिवाजी स्मारक को लेकर उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच सहमति की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया। उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि पिछले छह-सात वर्षों से इस विषय को लेकर प्रयास किए जा रहे थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पूरे मामले से अवगत कराया गया और उनकी स्वीकृति के बाद अब दोनों प्रदेशों के बीच अधिकारियों की बैठक हुई है। अगले चरण में एसीएस स्तर पर बैठक प्रस्तावित है।
प्रस्तावित योजना के तहत कोठी मीना बाजार परिसर में छत्रपति शिवाजी महाराज की करीब 50 से 100 फीट ऊंची प्रतिमा, भव्य संग्रहालय और लाइट एंड साउंड शो विकसित किए जाने की योजना है। संग्रहालय में शिवाजी महाराज के जीवन, संघर्ष, स्वराज्य की स्थापना और राष्ट्र के लिए उनके योगदान से जुड़े प्रसंगों को प्रदर्शित किया जाएगा।
महाराष्ट्र से आए मंत्रियों ने इसे दो राज्यों की संस्कृतियों और ऐतिहासिक विरासत के संगम का प्रतीक बताया। उनका कहना था कि आगरा में बनने वाला यह स्मारक केवल एक प्रतिमा या भवन नहीं होगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को शिवाजी महाराज के साहस, स्वाभिमान और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान से परिचित कराने वाला ऐतिहासिक केंद्र बनेगा।