

Samajwadi Party Protest Agra: वोट चोरी, लोकतंत्र और संविधान की हत्या का आरोप लगाते हुए समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को शहीद स्मारक, संजय प्लेस पर प्रदर्शन किया। सपा के संविधान बचाओ-लोकतंत्र बचाओ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला और युवा कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंकने का प्रयास किया, जिसे लेकर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और सपाइयों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हो गई।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के हाथ से पुतला छीनने का प्रयास किया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच खींचतान बढ़ गई। सपा ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने कार्यकर्ताओं के साथ लात-थप्पड़ों से मारपीट की और महिला कार्यकर्ताओं पर भी बल प्रयोग किया। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिसकर्मी और सपा कार्यकर्ता आपस में भिड़ते दिखाई दे रहे हैं।
प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए सपा महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार आम आदमी के अधिकारों को खत्म करने का काम कर रही है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर वोट चोरी में भूमिका होने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह प्रदर्शन सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर किया गया है।
शब्बीर अब्बास ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। महिलाओं और कार्यकर्ताओं पर बल प्रयोग किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संविधान, लोकतंत्र और जनता के अधिकारों की रक्षा की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
सपा के अनुसार, पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प के बाद आगरा पुलिस अधिकारियों ने माफी मांगी, जिसके बाद मामला शांत हुआ और प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया। सपा महानगर अध्यक्ष ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि संविधान, लोकतांत्रिक अधिकारों और आम नागरिक के सम्मान की लड़ाई है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में भी पार्टी कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने भी राजनीतिक संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प लेते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।