

बीवी एंटरप्राइजेज से 8 सिम बॉक्स और 96 रेडियो एंटीना जब्त
लोन रिकवरी के नाम पर धमकी और साइबर फ्रॉड से कनेक्शन का पुलिस का दावा
दूसरे जनपद में भी कार्यालय होने की जानकारी
Agra Illegal SIM Box Network Busted: साइबर अपराध और अवैध टेलीकॉम गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आगरा पुलिस ने सिम बॉक्स नेटवर्क का खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, बीवी एंटरप्राइजेज के परिसर में छापेमारी के दौरान अनधिकृत टेलीकॉम सेटअप से जुड़ी सामग्री बरामद हुई। मौके से आठ सिम बॉक्स, 221 सिम कार्ड, 96 रेडियो एंटीना, पांच लैपटॉप, एक डेल सर्वर और नेटवर्किंग उपकरण जब्त किए गए हैं। पुलिस इस नेटवर्क के जरिए कथित तौर पर की जा रही धमकियों और साइबर धोखाधड़ी के पहलुओं की भी जांच कर रही है।
डीसीपी वेस्ट आदित्य कुमार ने बताया कि पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के निर्देश पर अपराध और अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में साइबर क्राइम थाना, एसओजी, सर्विलांस और दूरसंचार विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। टेलीकॉम विभाग को सिम के दुरुपयोग से संबंधित शिकायत मिल रही थीं, जिसके बाद मामले की जांच की गई और बीवी एंटरप्राइजेज के परिसर में छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान आमिर सैफी और मनीष को गिरफ्तार किया गया।
डीसीपी के अनुसार, जांच के दौरान एक सिम बॉक्स में 32 सिम स्लॉट होने की जानकारी सामने आई। इसके साथ ही 31 संदिग्ध मोबाइल नंबरों के आधार पर मामले की पड़ताल आगे बढ़ाई गई। पुलिस ने परिसर से आठ सिम बॉक्स सहित बड़ी संख्या में सिम कार्ड और नेटवर्किंग उपकरण बरामद किए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन उपकरणों का इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा था और इनके जरिए किन-किन लोगों से संपर्क किया गया।
डीसीपी वेस्ट आदित्य कुमार ने बताया कि सिम बॉक्स का इस्तेमाल निर्धारित नियमों और अधिकृत व्यवस्था के तहत ही किया जा सकता है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने परिसर में कॉल सेंटर जैसा सेटअप बना रखा था। सिम बॉक्स के माध्यम से विदेश में बैठे लोगों द्वारा फर्जी कॉल करने, लोगों को धमकाने और धोखाधड़ी करने जैसी गतिविधियों की आशंका भी सामने आई है। लोन रिकवरी के नाम पर धमकी देने और साइबर फ्रॉड से जुड़े तथ्यों की भी जांच की जा रही है।
हालांकि, पुलिस की जांच अभी जारी है। बरामद उपकरणों का इस्तेमाल किन उद्देश्यों के लिए किया जा रहा था और आरोपियों की भूमिका किस हद तक थी, इसका विस्तृत खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
डीसीपी ने बताया कि जांच के दौरान दूसरे जनपद में भी कार्यालय संचालित होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस यह पता लगा रही है कि कथित नेटवर्क किन-किन जनपदों और राज्यों तक फैला है तथा इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। बरामद लैपटॉप, सर्वर, सिम कार्ड और नेटवर्किंग उपकरणों की जांच से नेटवर्क के संचालन, संपर्कों और संभावित साइबर अपराधों से जुड़े अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल आगरा पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और बरामद डिजिटल उपकरणों की जांच के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। संयुक्त कार्रवाई में सामने आए इस मामले ने अवैध सिम बॉक्स के इस्तेमाल और उसके जरिए संभावित साइबर अपराधों की जांच को तेज कर दिया है।