

Agra Alleged Conversion Network Case: ताजनगरी में कथित धर्मांतरण नेटवर्क को लेकर आगरा पुलिस की जांच एक बार फिर सुर्खियों में है। सैंया सर्किल के जोधापुरा गांव में चंगाई सभा के नाम पर लोगों को जुटाने और उन्हें कथित तौर पर धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने के मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ में नेटवर्क के दूसरे राज्यों तक संपर्क होने के संकेत मिले हैं। फिलहाल पुलिस फंडिंग, प्रशिक्षण और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
पुलिस के अनुसार, 23 सितंबर को जोधापुरा गांव में जन्मदिन के बहाने लोगों को जुटाए जाने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में राजस्थान के जयपुर निवासी विनीत वेदी और धौलपुर निवासी बंटू उर्फ डोंगर सिंह तथा आगरा के मुखराज और प्रताप सिंह शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि कथित सभा में बीमारी और पारिवारिक परेशानियां दूर करने तथा आर्थिक मदद का भरोसा देकर लोगों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी।
जांच का दायरा अब गांव की इस सभा से कहीं आगे बढ़ चुका है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों से पूछताछ में उत्तर प्रदेश के साथ उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार और पंजाब समेत कई राज्यों से संपर्क के संकेत मिले हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में उत्तराखंड से जुड़े संपर्कों की भी जांच की बात सामने आई है। पुलिस इन संपर्कों की वास्तविक भूमिका और कथित नेटवर्क की संरचना का पता लगाने में जुटी है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के बीच डिजिटल माध्यमों से भी संपर्क था। सिग्नल ऐप पर 200 से अधिक लोगों के जुड़े होने और इनमें करीब 50 लोगों के आगरा से होने की जानकारी सामने आई है। Zoom, Signal और IMO जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए कथित प्रशिक्षण और संपर्क की भी जांच की जा रही है।
आगरा में धर्मांतरण से जुड़े मामलों का यह पहला प्रकरण नहीं है। करीब डेढ़ साल के दौरान पुलिस ने अलग-अलग मामलों में कार्रवाई की है। वर्ष 2025 में पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के नेतृत्व में सामने आए एक बड़े मामले में भी कई गिरफ्तारियां हुई थीं और जांच का दायरा अन्य राज्यों तक पहुंचा था। एक अन्य मामले में शाहगंज क्षेत्र में कथित प्रार्थना सभा के जरिए लोगों को जोड़ने के आरोप में आठ लोगों की गिरफ्तारी की खबर सामने आई थी।
यह मामला इसलिए भी चर्चा और सुर्खियों में है क्योंकि आगरा में सामने आए पिछले बड़े धर्मांतरण मामले के बाद अब गतिविधियों का फोकस देहात क्षेत्र की तरफ बढ़ने का दावा किया जा रहा है। करीब एक साल पहले भी आगरा पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय धर्मांतरण नेटवर्क का खुलासा किया था। उस कार्रवाई का नेतृत्व भी पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के नेतृत्व में हुआ था। उस मामले में 12 से अधिक लोगों को जेल भेजे जाने की बात सामने आई थी और जांच अभी भी जारी है।
ताजा मामले को लेकर हिंदूवादी संगठनों ने पुलिस से कथित नेटवर्क की गहराई से जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अज्जू चौहान ने नवभारत से विशेष बातचीत में कहा कि ऐसे गिरोह गरीब और परेशान लोगों को निशाना बनाकर उन्हें प्रभावित करने का काम करते हैं। उन्होंने दावा किया कि ऐसे नेटवर्क उत्तर प्रदेश के अलावा छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर के उन इलाकों में भी सक्रिय हो सकते हैं, जहां गरीबी और आर्थिक परेशानी अधिक है। उन्होंने आगरा पुलिस की कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि मामले में कड़ी कार्रवाई कर उदाहरण पेश किया जाना चाहिए।
अज्जू चौहान ने यह भी कहा कि यह पहला ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें शहर के बजाय देहात क्षेत्र में नेटवर्क स्थापित करने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि हिंदू महासभा अब शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी जागरूकता अभियान चलाएगी और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस-प्रशासन तक पहुंचाएगी।
हिंदूवादी नेता अवतार सिंह ने कहा कि आगरा पुलिस की कार्रवाई महत्वपूर्ण है। उनके मुताबिक, पुलिस के खुलासे से यह सामने आया है कि कथित तौर पर गरीब और असहाय लोगों को निशाना बनाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि संगठन लोगों को जागरूक करने के साथ ऐसे मामलों की जानकारी पुलिस और प्रशासन को देने का काम करेगा। अवतार ने कहा हम लोग अब शहर से लेकर देहात तक लोगों को जागरूक करेंगे। अगर जरूर पड़ी तो सड़कों पर उतर आंदोलन भी करने से पीछे नहीं हटेंगे।
वहीं हिंदू महासभा की जिलाध्यक्ष मीरा राठौर ने कहा कि करीब एक साल पहले भी आगरा में ऐसे गिरोह के खिलाफ कार्रवाई हुई थी। उनका कहना है कि ताजा मामले की गहराई से जांच जरूरी है, ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सके। उन्होंने कहा कि संगठन लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाएगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन भी करेगा।
फिलहाल आगरा पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ के आधार पर नेटवर्क के संपर्क, फंडिंग और दूसरे क्षेत्रों में सक्रिय लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। अब जांच का सबसे अहम सवाल यही है कि चंगाई सभा के पीछे कथित नेटवर्क कितना बड़ा है और इसके तार आगरा से बाहर कहां-कहां तक जुड़े हैं।