नागपुर में स्थित दीक्षाभूमि सिर्फ एक स्मारक नहीं बल्कि सामाजिक क्रांति, आत्मसम्मान और धर्म परिवर्तन का प्रतीक है। यही वो जगह है जहां पर संविधान निर्माता डॉ. बीआर अंबेडकर ने अपने अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म की दीक्षा ली थी। हर साल यहां पर लाखों श्रद्धालुओं आते हैं और यह बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए एक प्रेरणा का केंद्र है।