

Elon Musk X Platform Down: X जो पहले ट्विटर के नाम से जाना जाता था एक बार फिर तकनीकी समस्याओं का शिकार हो गया। बता दें कि बुधवार यानी आज 17 जून 2026 को सुबह अचानक बड़ी संख्या में यूजर्स ने प्लेटफॉर्म पर लॉगिन, फीड रिफ्रेश और वेबसाइट एक्सेस करने में दिक्कतों की शिकायत की। देखते ही देखते सोशल मीडिया पर #XDown ट्रेंड करने लगा और लाखों यूजर्स अपनी परेशानी साझा करने लगे। इसके साथ ही आउटेज ट्रैकिंग वेबसाइट DownDetector के मुताबिक भी सुबह करीब 8:30 बजे शिकायतों की संख्या अपने चरम पर पहुंच गई। जिससे यह साफ तौर पर पता चला कि समस्या किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं थी बल्कि बड़ी संख्या में यूजर्स को परेशान कर रही है।
DownDetector से मिल जानकारी के मुताबिक करीब 40 प्रतिशत शिकायतें मोबाइल ऐप से जुड़ी थीं। इसको लेकर यूजर्स का कहना था कि ऐप ठीक से काम नहीं कर रहा था और कई फीचर्स रिस्पॉन्स नहीं दे रहे थे। इसके साथ ही 29 प्रतिशत लोगों को फीड और टाइमलाइन अपडेट होने में परेशानी आई, वहीं 18 प्रतिशत यूजर्स वेबसाइट एक्सेस नहीं कर पा रहे थे। कुछ यूजर्स ने यह भी बताया कि पोस्ट लोड होने में असामान्य रूप से ज्यादा समय लग रहा था।
इस मामले में दिलचस्प बात यह है कि पिछले 24 घंटों के भीतर यह दूसरी बार है जब X Down हुआ हैं। इससे पहले मंगलवार शाम 16 जून 2026 को भी यूजर्स ने प्लेटफॉर्म पर तकनीकी खामियों की शिकायत की थी। ऐसे में लगातार दो बार आई समस्या ने प्लेटफॉर्म की स्थिरता और तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। लेकिन बता दें कि कंपनी की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।
जानकारी के लिए बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब X को आउटेज का सामना करना पड़ा हो। इसी साल मई में भारत समेत कई देशों में यूजर्स नई पोस्ट नहीं देख पा रहे थे और लॉगिन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। उससे पहले फरवरी में आए वैश्विक आउटेज ने भारत, अमेरिका और ब्रिटेन सहित कई देशों को प्रभावित किया था। जहां 25,000 से अधिक शिकायतें दर्ज की गई थीं।
देखा यह बी गया है कि हाल के महीनों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आउटेज की घटनाएं बढ़ती दिखाई दे रही हैं। इसी महीने Facebook और Instagram भी तकनीकी समस्याओं की चपेट में आ गया था। जिसमें कई यूजर्स ने फीड लोड न होने और नए पोस्ट अपडेट नहीं होने की शिकायत की थी। ऐसे में इन मामलों को देख कर विशेषज्ञ कहते है कि बढ़ते डिजिटल ट्रैफिक और जटिल सर्वर नेटवर्क के कारण बड़े प्लेटफॉर्म्स को समय-समय पर ऐसी चुनौतियों का सामना करवा रहे है।