स्मार्टफोन की जगह लेगा AI, नई टेक्नोलॉजी से बदलेगा डिजिटल असिस्टेंट का रूप

Artificial Intelligence Devices: स्मार्टफोन हमारी रोज़मर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। लेकिन नए तकनीक इसको टक्कर देने के लिए आ गई है, जिसको भविष्य की नजर से देखा जा रहा है।
स्मार्टफोन की जगह लेगा AI, नई टेक्नोलॉजी से बदलेगा डिजिटल असिस्टेंट का रूप
AI बदलेगा तकनीक का चेहरा। (सौ. AI)
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AI Technology Smartphone Replacement: आज की दुनिया में स्मार्टफोन हमारी रोज़मर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। हर साल कंपनियां नए मॉडल लॉन्च करती हैं जिनमें तेज प्रोसेसर, स्लिम डिज़ाइन और एडवांस फीचर्स देखने को मिलते हैं। लेकिन अब टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक बड़ा बदलाव दस्तक दे रहा है। दिग्गज कंपनियों का मानना है कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्मार्टफोन की जगह लेकर हमारे निजी डिजिटल असिस्टेंट के रूप में उभर सकता है।

बदलती दुनिया में AI की अहमियत

अब तक कॉल, मैसेज, शॉपिंग या मीटिंग्स के लिए हमें ऐप्स खोलने और बार-बार स्क्रीन पर स्वाइप करने की जरूरत पड़ती थी। लेकिन नई AI तकनीक इन सभी कामों को खुद ही पूरा करेगी। Qualcomm के अधिकारी एलेक्स कटूज़ियन के अनुसार, भविष्य में ऑपरेटिंग सिस्टम और ऐप्स बैकग्राउंड में चलेंगे और AI असिस्टेंट खुद ही हर कार्य को मैनेज करेगा।

स्मार्ट ग्लासेस की बढ़ती भूमिका

Meta और Google जैसी कंपनियां ऐसे स्मार्ट ग्लासेस पर काम कर रही हैं जो हमारे आसपास की चीजों को देखकर तुरंत जानकारी दे पाएंगे। उदाहरण के लिए, अगर आप किसी ऐतिहासिक जगह पर खड़े हैं तो बस पूछने पर ये ग्लासेस पूरी जानकारी आपके सामने रख देंगे। Meta ने अपने Ray-Ban Meta ग्लासेस में AI को जोड़कर इस दिशा में बड़ा कदम उठाया है। हालांकि, बैटरी बैकअप और डिज़ाइन अभी भी बड़ी चुनौती हैं।

एम्बियंट कंप्यूटर और Alexa+

Amazon का मानना है कि आने वाले समय में घर और ऑफिस में ऐसे डिवाइस होंगे जो हर समय हमारे लिए काम करेंगे। Alexa+ जैसे असिस्टेंट बातचीत के दौरान तुरंत जवाब देंगे और बिना स्क्रीन देखे ही हमारा काम आसान बना देंगे। इसका मतलब है कि स्मार्टफोन पर नोटिफिकेशन चेक करने की आदत भी खत्म हो सकती है।

स्मार्टवॉच का नया रूप

Nothing कंपनी के CEO कार्ल पेई का कहना है कि स्मार्टवॉच का भविष्य पूरी तरह AI से लैस होगा। यह न सिर्फ फिटनेस ट्रैक करेगी, बल्कि मीटिंग्स शेड्यूल करेगी, दोस्तों से मिलने का प्लान बनाएगी और कई कामों को ऑटोमैटिक तरीके से संभालेगी। कार्ल पेई इसे “स्मार्टवॉच रीइमैजिन्ड” कह रहे हैं।

मेमोरी रिकॉर्डर तकनीक

Limitless AI जैसी कंपनियां ऐसे वियरेबल डिवाइस बना रही हैं जो बातचीत रिकॉर्ड करके ऑटोमैटिक नोट्स तैयार करेंगे। यह हमें याद दिला सकते हैं कि हमने किससे क्या वादा किया था या बच्चों के साथ बेहतर व्यवहार कैसे करना है। हालांकि, प्राइवेसी को लेकर सवाल इन डिवाइसों की स्वीकार्यता को धीमा कर सकते हैं।

ध्यान दें

स्पष्ट है कि आने वाले समय में AI आधारित डिवाइस हमारी जिंदगी को पूरी तरह बदल सकते हैं। स्मार्टफोन का दौर धीरे-धीरे कम होता दिख सकता है और उनकी जगह स्मार्ट ग्लासेस, स्मार्टवॉच और एम्बियंट कंप्यूटर जैसे डिवाइस ले सकते हैं।

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