250 साल तक नहीं खुलेगा ये iPhone, अमेरिका ने Time Capsule में रखा iPhone 17 Pro Max, जानिए क्या है वजह

Time Capsule: iPhone को 4-5 साल के भीतर बदल देते हैं लेकिन एक iPhone ऐसा भी है जिसे देखने के लिए लोगों को पूरे 250 साल इंतजार करना पड़ेगा। अमेरिका ने अपनी आजादी के 250 साल के लिए टाइम कैप्सूल लाया है।
US has placed an iPhone 17 Pro Max in a time capsule 250 Freedom
USA Time Capsule (Source. Gemini)
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USA Time Capsule iPhone 17: आपने देखा ही होगा की आज के दौर में ज्यादातर लोग अपना iPhone को 4 से 5 साल के भीतर बदल देते हैं लेकिन एक iPhone ऐसा भी है जिसे देखने के लिए लोगों को पूरे 250 साल इंतजार करना पड़ेगा। बता दें कि अमेरिका ने अपनी आजादी के 250 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक खास Time Capsule तैयार किया है। जिसमें iPhone 17 Pro Max को भी सुरक्षित रखा गया है। यह कैप्सूल अब सीधे साल 2276 में खोला जाएगा।

408 किलो का खास Time Capsule

जानकारी के लिए बता दें कि यह कोई साधारण बॉक्स नहीं है बल्कि इसमें करीब 900 पाउंड लगभग 408 किलोग्राम वजनी स्टेनलेस स्टील का विशेष टाइम कैप्सूल है। इस कैप्सूल को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसके अंदर रखी गई चीजें सदियों तक सुरक्षित रह सकती है। वहीं इस कैप्सूल का उद्देश्य भविष्य की पीढ़ियों को यह दिखाना है कि 21वीं सदी में इंसान किस तरह की तकनीक, संस्कृति और जीवनशैली का इस्तेमाल करते थे। इसमें सिर्फ iPhone ही नहीं बल्कि अमेरिका के इतिहास और आधुनिक तकनीक से जुड़ी कई महत्वपूर्ण वस्तुएं भी शामिल की गई हैं।

iPhone 17 Pro Max को ही क्यों चुना गया?

रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि iPhone 17 Pro Max आज की आधुनिक तकनीक का सबसे बड़ा प्रतीक माना जा रहा है। ऐसे में अब स्मार्टफोन सिर्फ कॉलिंग डिवाइस नहीं रह गया है। यह बैंकिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हेल्थ ट्रैकिंग, फोटो-वीडियो, मनोरंजन और ऑफिस के काम तक लगभग हर जरूरी सुविधा एक ही डिवाइस में मौजूद है। यही वजह है कि भविष्य की पीढ़ियों को 2020 के दशक की डिजिटल लाइफस्टाइल समझाने के लिए इस स्मार्टफोन को टाइम कैप्सूल का हिस्सा बनाया गया है।

क्या 250 साल बाद भी चलेगा यह iPhone?

यह सवाल सबसे ज्यादा लोगों के मन में आ रहा है। लेकिन इसको लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि 250 साल तक किसी स्मार्टफोन की बैटरी का सक्रिय रहना लगभग असंभव है। भले ही डिवाइस सुरक्षित बच जाए लेकिन उसकी बैटरी और चार्जिंग तकनीक उस समय तक पूरी तरह अप्रासंगिक हो सकती है। ऐसे में संभव है कि 2276 तक दुनिया में स्मार्टफोन की जगह कोई नई तकनीक ले चुकी हो। ऐसे में यह iPhone एक काम करने वाले गैजेट की बजाय 21वीं सदी की ऐतिहासिक तकनीकी धरोहर के रूप में देखा जाएगा। ठीक वैसे ही जैसे आज हम सदियों पुराने वैज्ञानिक उपकरणों और ऐतिहासिक वस्तुओं को संग्रहालयों में देखते हैं।

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