यूट्यूबर्स और इन्फ्लुएंसर्स की बढ़ी टेंशन, पाकिस्तान लगाएगा सोशल मीडिया कमाई पर टैक्स

Pakistan Social Media Tax: सोशल मीडिया के जरिए कमाई करने वाले कंटेंट क्रिएटर्स पर पाकिस्तान की सरकार अब यूट्यूबर्स, इन्फ्लुएंसर्स और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स की आय पर टैक्स लगाने की तैयारी कर रही है।
Social Media Tax Pakistan to tax social media earnings.
Pakistan Social Media Tax (Source. Navbharat Desk)
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Digital Creator Tax: सोशल मीडिया के जरिए कमाई करने वाले कंटेंट क्रिएटर्स के लिए खास खबर है। बता दें कि पाकिस्तान की सरकार अब यूट्यूबर्स, इन्फ्लुएंसर्स और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स की आय पर टैक्स लगाने की तैयारी कर रही है। इस प्रस्ताव में खास बात यह है कि यह सिर्फ पाकिस्तान के नागरिकों तक सीमित नहीं है बल्कि उन विदेशी क्रिएटर्स को भी प्रभावित कर सकता है जिनकी ऑडियंस पाकिस्तान में है और जो वहां से कमाई करते हैं। ऐसे में इस डिजिटल दौर में पाकिस्तान सरकार का यह कदम चर्चा का विषय बन गया है। जहां सरकार इसे राजस्व बढ़ाने का जरिया मान रही है वहीं कई लोग इसे कंटेंट क्रिएटर्स के लिए नई चुनौती के तौर पर देख रहे है।

क्या है पाकिस्तान सरकार का नया प्लान?

रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि पाकिस्तान की संसद की वित्त मामलों से जुड़ी स्थायी समिति ने वित्त विधेयक 2026 के तहत सोशल मीडिया से होने वाली आय पर 5 प्रतिशत टैक्स लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। वहीं यह टैक्स उन लोगों पर लागू हो सकता है जो यूट्यूब, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन विज्ञापन और डिजिटल कंटेंट के जरिए कमाई कर रहे हैं। जैसा की सभी को पता है कि आज के समय में सोशल मीडिया केवल मनोरंजन या संवाद का माध्यम नहीं है। यह लाखों लोगों की फुल-टाइम करियर के रूप में भी सामने आया है। ऐसे में सरकार की इस क्षेत्र को भी टैक्स के दायरे में लाने की तैयारी लोगों को परेशान कर रही है।

विदेशी कंटेंट क्रिएटर्स पर भी पड़ सकता है असर

वहीं पेश किए गए प्रस्ताव में सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि पाकिस्तान में दर्शकों से कमाई करने वाले विदेशी कंटेंट क्रिएटर्स भी इसके प्रभावत हो सकते है। जिसका सीधा मतलब है कि यदि किसी भारतीय, अमेरिकी या अन्य देश के यूट्यूबर की कमाई पाकिस्तान से हो रही है तो भविष्य में उस आय पर टैक्स वसूला जा सकता है। लेकिन यह प्रक्रिया कैसे लागू होगी और इसका तकनीकी ढांचा क्या होगा इसकी स्पष्ट जानकारी कानून लागू होने के बाद ही सामने आ पाएगी।

प्रस्ताव का विरोध शुरू

प्रस्ताव के सामने आने के बाद से ही समिति के कुछ सदस्यों ने इसको लेकर चिंता जताई है। उनका मानना है कि अतिरिक्त टैक्स से विदेशी मुद्रा के रूप में आने वाली कमाई प्रभावित हो सकती है। इसको लेकर सलीम मांडवीवाला ने कहा कि इससे डिजिटल कमाई करने वालों का उत्साह कम हो सकता है। वहीं अब्दुल कादिर का तर्क है कि विदेशी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से कमाई करने वालों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए न कि उन पर अतिरिक्त बोझ डाला जाए चाहिए।

सरकार ने दिया अपना पक्ष

ऐसे में आलोचनाओं के बीच पाकिस्तान सरकार का कहना है कि सोशल मीडिया से होने वाली आय भी अन्य आय स्रोतों की तरह टैक्स के दायरे में आनी चाहिए। सरकार ने स्पष्ट करते हुए कहा, "हम सिर्फ सोशल मीडिया से होने वाली कमाई में अपना हिस्सा मांग रहे हैं" वहीं इस मामले को देखने के बाद विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्रस्ताव कानून का रूप लेता है तो दक्षिण एशिया में डिजिटल आय पर टैक्स लगाने को लेकर नई बहस शुरू हो सकती है।

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