

Sanchaar Saathi Mobile Recovery: भारत सरकार का संचार साथी पोर्टल देशभर में खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन की तलाश में एक बड़े गेम-चेंजर के रूप में उभरा है। केवल अक्टूबर के 30 दिनों में इस प्लेटफॉर्म ने 50,000 से अधिक मोबाइल फोन ट्रेस कर लिए हैं। तेजी से बढ़ती रिकवरी दर यह दर्शाती है कि अब फोन खो जाना पहले जैसा तनावपूर्ण संकट नहीं रह गया है।
नए जारी आंकड़ों के अनुसार, मोबाइल रिकवरी के मामलों में कर्नाटक और तेलंगाना सबसे आगे हैं। दोनों राज्यों ने मिलकर 1 लाख से ज्यादा खोए या चोरी हुए फोन वापस दिलाए हैं, जो अन्य राज्यों की तुलना में काफी अधिक है। इसके बाद महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर है, जहां पुलिस ने 80,000 से अधिक फोन ट्रेस कर लिए हैं। इन राज्यों की पुलिस टीमें संचार साथी पोर्टल का लगातार हाई-फ्रीक्वेंसी पर उपयोग कर रही हैं, जिससे हर दिन बड़ी संख्या में रिकवरी हो रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जैसे ही चोरी हुआ फोन दोबारा ऑन होता है और उसमें नया सिम लगाया जाता है, सिस्टम तुरंत पुलिस को अलर्ट भेज देता है। नेटवर्क डेटा और लोकेशन की मदद से पुलिस कुछ ही घंटों में फोन का पता लगा लेती है। कई मामलों में मोबाइल रिकवर होने पर चोरी करने वाले गैंग भी पकड़े गए हैं, जिससे संगठित नेटवर्क पर कार्रवाई संभव हो पाई है। यही कारण है कि संचार साथी पूरे देश में सबसे भरोसेमंद मोबाइल ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म बनता जा रहा है।
अगर आपका फोन खो गया है या चोरी हो गया है, तो प्रक्रिया बेहद सरल है:
कंप्लेंट दर्ज होने पर आपको Request ID मिलती है, जिससे आप पूरी रिकवरी प्रक्रिया को ट्रैक कर सकते हैं। पूरी प्रणाली डिजिटल है और इससे फोन वापसी की संभावना काफी बढ़ जाती है।