

नवभारत टेक डेस्क: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने डिजिटल रुपये (e-Rupee) को लेकर 2025 में एक नया और अहम अपडेट जारी किया है। भारत में डिजिटल करेंसी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई यह पहल अब और अधिक व्यापक होती जा रही है। आरबीआई का यह कदम भारत को कैशलेस इकोनॉमी की ओर तेज़ी से ले जा रहा है।
आरबीआई ने घोषणा की है कि 2025 में डिजिटल रुपया अब और अधिक शहरों और राज्यों में शुरू किया जाएगा। इसके लिए कई सरकारी और प्राइवेट बैंकों को साथ जोड़ा गया है। पहले जहां यह सेवा चुनिंदा शहरों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर उपलब्ध थी, अब इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में विस्तार दिया जाएगा।
डिजिटल रुपया, यानी e₹, पूरी तरह से RBI द्वारा जारी की गई आधिकारिक डिजिटल करेंसी है, जो फिजिकल नोट की तरह ही काम करती है लेकिन पूरी तरह डिजिटल फॉर्म में होती है। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि तेज़, सुरक्षित और ट्रैक करने योग्य लेनदेन को संभव बनाता है। इससे न सिर्फ नकली नोटों पर लगाम लगेगी, बल्कि हर ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड भी रहेगा।
RBI ने बताया कि डिजिटल रुपया जल्द ही यूपीआई (UPI) और भीम ऐप जैसे प्लेटफॉर्म्स से इंटीग्रेट किया जाएगा, जिससे आम लोगों के लिए इसका इस्तेमाल और भी आसान हो जाएगा। इसके अलावा चुनिंदा बैंकों ने अपने डिजिटल वॉलेट में भी e₹ को सपोर्ट करना शुरू कर दिया है।
“डिजिटल रुपया भारत की फाइनेंशियल सिस्टम को अधिक पारदर्शी, तेज और आधुनिक बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।” — आरबीआई गवर्नर
RBI का डिजिटल रुपया अब केवल एक प्रयोग नहीं रहा, बल्कि यह भारत की डिजिटल फाइनेंशियल क्रांति का मुख्य आधार बनता जा रहा है। आने वाले समय में यह आम जनता की दैनिक लेनदेन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने वाला है।