पब्लिक चार्जिंग से बढ़ सकता है खतरा, 'जूस जैकिंग' से ऐसे करें अपने फोन को सुरक्षित

बैटरी खत्म हो जाए तो लोग सबसे पहले वहां लगे चार्जिंग प्वाइंट की ओर भागते हैं। लेकिन सावधान! पब्लिक जगहों पर लगे USB चार्जिंग पोर्ट का इस्तेमाल करना आपके फोन की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है।
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Charging से रहे सावधान क्या करें सोचे। (सौ. Freepik)
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नवभारत टेक डेस्क: आज के समय में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। सफर में या किसी पब्लिक प्लेस पर अगर बैटरी खत्म हो जाए तो लोग सबसे पहले वहां लगे चार्जिंग प्वाइंट की ओर भागते हैं। लेकिन सावधान! पब्लिक जगहों पर लगे USB चार्जिंग पोर्ट का इस्तेमाल करना आपके फोन की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। इस साइबर अटैक को ‘जूस जैकिंग’ कहा जाता है।

क्या है जूस जैकिंग?

जूस जैकिंग एक साइबर हमला है, जिसमें पब्लिक USB चार्जिंग प्वाइंट के जरिए हैकर्स आपके मोबाइल या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में मैलवेयर या डेटा चुराने वाला सॉफ्टवेयर इंस्टॉल कर देते हैं। इसका इस्तेमाल कर अपराधी आपके फोन की फोटो, फाइल्स, कॉन्टैक्ट्स और पर्सनल डेटा तक पहुंच सकते हैं। “ज्यादातर लोग ये नहीं जानते कि मोबाइल की चार्जिंग केबल डेटा ट्रांसफर भी करती है, और यही चीज जूस जैकिंग को मुमकिन बनाती है।”

कहां होता है सबसे ज्यादा खतरा?

  • एयरपोर्ट
  • रेलवे स्टेशन
  • मेट्रो स्टेशन
  • मॉल्स
  • बस अड्डे

इन जगहों पर लगे पब्लिक USB चार्जिंग पोर्ट का उपयोग करना आपके डिवाइस को हैकिंग के खतरे में डाल सकता है। टेक्नोलॉजी की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें

कैसे करें जूस जैकिंग से बचाव?

  • चार्जिंग के लिए हमेशा एडाप्टर का इस्तेमाल करें, सीधे USB पोर्ट से चार्ज न करें।
  • पावर बैंक साथ रखें, ताकि पब्लिक पोर्ट की जरूरत न पड़े।
  • USB डेटा ट्रांसफर को बंद करें।
  • फोन को लॉक कर के ही चार्जिंग पर लगाएं।
  • चार्जिंग के दौरान फोन का इस्तेमाल न करें।

सिर्फ एक गलती आपके पूरे डिजिटल जीवन को खतरे में डाल सकती है। बेहतर होगा कि आप थोड़ी सावधानी बरतें और पब्लिक चार्जिंग प्वाइंट से दूरी बनाकर रखें।

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