PM मोदी का वीडियो फेसबुक से क्यों हुआ गायब? Meta ने मांगी माफी, जानिए कब हटता है Facebook और YouTube वीडियो

Meta Technical Glitch: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक फेसबुक अकाउंट से एक महत्वपूर्ण वीडियो अचानक गायब होने के बाद सोशल मीडिया पर हलचल मच गई। देखा गया कि कुछ ही घंटों में वायरल हो गया।
PM Modi video disappear from Facebook Meta apologizes
Narendra Modi Facebook Video (Source. Facebook)
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Narendra Modi Facebook Video: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक फेसबुक अकाउंट से एक महत्वपूर्ण वीडियो अचानक गायब होने के बाद सोशल मीडिया पर हलचल मच गई। देखा गया कि कुछ ही घंटों में इस घटना ने राजनीतिक रंग ले लिया और यूजर्स के बीच सवाल उठने लगे कि आखिर देश के प्रधानमंत्री का आधिकारिक वीडियो क्यों हटाया गया। वहीं विवाद बढ़ने पर Meta ने सफाई देते हुए कहा कि यह किसी कानूनी आदेश या नियम उल्लंघन का मामला नहीं था बल्कि Technical Glitch की वजह से वीडियो अस्थायी रूप से हट गया था। बाद में कंपनी ने माफी मांगते हुए वीडियो को दोबारा बहाल कर दिया।

क्या था पूरा मामला?

जानकारी के लिए बता दें कि 23 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों और युवाओं को संबोधित करते हुए एक वीडियो जारी किया था। इस संबोधन में उन्होंने पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून लाने का भरोसा दिया था। वीडियो को लाखों लोग देख चुके थे लेकिन 28 जुलाई की सुबह अचानक यह फेसबुक से गायब हो गया। वहीं इस वीडियो को खोलने पर यूजर्स को एक नोटिस दिखाई दिया जिसमें लिखा था कि Legal Request के कारण इस कंटेंट की पहुंच सीमित कर दी गई है। इसके बाद सोशल मीडिया पर सवालों की बाढ़ आ गई और कई राजनीतिक नेताओं ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी।

Meta ने क्यों बहाल किया वीडियो?

इसके बाद विवाद बढ़ने से Meta ने बयान जारी कर कहा कि वीडियो गलती से हटा था और अब उसे पूरी तरह बहाल कर दिया गया है। वहीं कंपनी ने बताया है कि यह किसी कानूनी अनुरोध की वजह से नहीं बल्कि अस्थायी तकनीकी खराबी का परिणाम था। वहीं Meta ने यह भी स्पष्ट किया कि प्लेटफॉर्म पर मौजूद हर वीडियो को उसके Community Standards और Advertising Standards के आधार पर जांचा जाता है। यदि कंटेंट इन नियमों का उल्लंघन नहीं करता तो उसे हटाया नहीं जाता।

किन वजहों से Facebook हटा सकता है वीडियो?

Meta के नियमों के बारे में बताए तो यदि किसी वीडियो में ग्राफिक हिंसा, हेट स्पीच, अश्लीलता, गैरकानूनी गतिविधियां, खतरनाक संगठनों का प्रचार या किसी की निजता का उल्लंघन पाया जाता है तो उसे हटाया जा सकता है। लगातार नियम तोड़ने पर अकाउंट पर स्ट्राइक लगती है और बार-बार उल्लंघन होने पर पेज या अकाउंट भी हटाया जा सकता है।

इसके अलावा बिना किसी बदलाव या क्रेडिट के दूसरे का वीडियो दोबारा पोस्ट करने पर उसकी पहुंच कम की जा सकती है या कमाई भी रोकी जा सकती है। हालांकि सार्वजनिक हित से जुड़े मामलों में Meta कुछ अपवाद भी लागू कर सकता है।

YouTube के नियम कितने अलग हैं?

YouTube भी अपनी Community Guidelines के आधार पर कार्रवाई करता है। प्लेटफॉर्म पर हिंसा, हेट स्पीच, साइबर अटैक, स्पैम, फर्जी व्यूज और बिना बदलाव के री-अपलोड किए गए वीडियो पर सख्त एक्शन लिया जाता है। 90 दिनों के भीतर तीन स्ट्राइक मिलने पर चैनल स्थायी रूप से बंद किया जा सकता है। यदि किसी वीडियो में Paid Promotion, स्पॉन्सरशिप या प्रोडक्ट प्लेसमेंट शामिल हो तो क्रिएटर को इसकी जानकारी देना अनिवार्य है। वहीं, गैरकानूनी सामान, बिना लाइसेंस वाली दवाइयों, हैकिंग टूल्स और ऑनलाइन जुए से जुड़े प्रमोशन की अनुमति नहीं दी जाती।

3 अगस्त को होगी संसदीय समिति की अहम बैठक

इस पूरे घटनाक्रम के बीच संसद की आईटी और कम्युनिकेशन समिति ने Meta, X, Google और Snapchat के प्रतिनिधियों को 3 अगस्त को तलब किया है। बैठक में डिजिटल प्राइवेसी, महिलाओं और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा, आम नागरिकों के डेटा संरक्षण और सोशल मीडिया कंपनियों द्वारा भारतीय कानूनों के पालन जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। ऐसे में यह मामला केवल एक वीडियो तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की पारदर्शिता और कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम पर भी बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

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