

Made in India Robot Dog: राजधानी दिल्ली में आयोजित India AI Impact Summit 2026 के दौरान रोबोट डॉग को लेकर बड़ा विवाद सामने आया था। गलगोटिया यूनिवर्सिटी द्वारा प्रदर्शित रोबोट पर चीनी तकनीक को अपना बताकर पेश करने का आरोप लगा, जिसके बाद एक्सपो एरिया खाली कराना पड़ा।
लेकिन इसी बीच बेंगलुरु की एक स्टार्टअप कंपनी ने पूरी तरह भारत में विकसित रोबोट डॉग पेश कर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। 'जनरल ऑटोनॉमी' नामक इस स्टार्टअप ने अपने स्वदेशी रोबोट का नाम PARAM रखा है, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
कंपनी ने एक्स पर वीडियो साझा करते हुए लिखा, "बहुत हो गई ये सब बकवास। पेश है परम, भारत का सबसे शक्तिशाली स्वदेशी रोबोट डॉग।" आगे कहा गया, "यह न तो असेंबल किया गया, न ही खरीदा गया, बल्कि भारत में निर्मित और भारतीयों द्वारा निर्मित है। हमारे राष्ट्र के लिए, हमारी सदी के लिए, हमारी दुनिया के लिए।" स्टार्टअप का दावा है कि PARAM को पूरी तरह भारतीय इंजीनियरों ने डिजाइन और विकसित किया है। इसमें केवल Nvidia का जेटसन GPU और एक्ट्यूएटर्स गैर-भारतीय घटक हैं, बाकी संपूर्ण निर्माण भारत में हुआ है।
कंपनी के मुताबिक पिछले सात महीनों से इस प्रोजेक्ट पर लगातार काम किया जा रहा है और हर पंद्रह दिन में इसमें सुधार किया गया है। वायरल वीडियो में PARAM को बेंगलुरु की सड़कों पर चलते, ट्रैफिक के बीच बाधाओं की पहचान करते और 30 सेंटीमीटर तक की सीढ़ियां चढ़ते देखा जा सकता है।
यह रोबोडॉग कम ऊंचाई वाली जगहों पर 'क्रैब वॉक मोड' में चल सकता है और गिरने की स्थिति में ऑटोमैटिक फॉल रिकवरी सिस्टम के जरिए खुद को संभाल लेता है। कंपनी का दावा है कि इसमें ऑटोनॉमस नेविगेशन और ट्रैकिंग सिस्टम मौजूद है, जिससे यह बिना मानव हस्तक्षेप के जटिल परिस्थितियों में काम कर सकता है।
पिछले महीने स्टार्टअप इंडिया के 10 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में PARAM का प्रदर्शन प्रधानमंत्री Narendra Modi के सामने किया गया था। कंपनी के अनुसार प्रधानमंत्री ने रोबोट की सराहना की और टीम को दिल्ली की सर्दियों में PARAM का ध्यान रखने की सलाह भी दी। यह प्रस्तुति नेशनल स्टार्टअप डे 2026 के डीप टेक शोकेस का हिस्सा थी, जिसने भारतीय रोबोटिक्स इकोसिस्टम को नई पहचान दी है।